मध्य प्रदेश के छतरपुर से दर्शन के लिए आए एक परिवार के साथ इस्कॉन मंदिर के पास एक ऐसा हादसा हो गया, जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. परिवार के 21 साल के नौजवान बेटे, अभिज्ञान गुप्ता की पानी वाले लोहे के कूलर से करंट लगने के कारण जान चली गई. पीड़ित परिवार के मुताबिक, वे लोग बांके बिहारी मंदिर से दर्शन करके इस्कॉन मंदिर पहुंचे थे. जैसे ही उन्होंने अपनी चप्पलें जमा की और बेटा जैसे ही कूलर के सामने आया, कूलर के करंट ने लड़के को अपनी तरफ खींच लिया. उसे बचाने की कोशिश में परिजनों को भी करंट के झटके लगे, लेकिन वे अपने इकलौते बेटे को बचा नहीं सके.
वीडियो में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल देखा जा सकता है, जो किसी का भी दिल पसीज देगा. एक बेबस पिता का सीधा आरोप मंदिर और वहां की व्यवस्था की लापरवाही पर है. उनका सवाल बहुत जायज है कि जब आज के समय में सुरक्षित प्लास्टिक के कूलर मौजूद हैं, तो लोगों की जान जोखिम में डालकर वहां लोहे का खतरनाक कूलर क्यों रखा गया था?
परिवार का कहना है कि अगर प्रशासन लोगों को सुरक्षित सुविधाएं नहीं दे सकता, तो उन्हें इस तरह किसी की जान लेने का भी कोई हक नहीं है. पीड़ित परिवार ने इस घोर लापरवाही के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और के बच्चे के साथ ऐसी अनहोनी न हो.