उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 से पहले इंडिया गठबंधन के भीतर एक नई सियासी हलचल देखने को मिल रही है. इस हलचल के केंद्र में हैं स्वामी प्रसाद मौर्य. मौर्य की गठबंधन में एंट्री को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच मदभेद सामने आते नजर आ रहे हैं. 3 दिन पहले अखिलेश यादव ने साफ कह दिया था कि स्वामी प्रसाद मौर्य गठबंधन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने मौर्य से मुलाकात कर सियासी तस्वीर को नया मोड़ दे दिया है. गौतम ने उन्हें सामाजिक न्याय का साथी और अति पिछड़ों का नेता बताया और साथ ही कहा कि गठबंधन के दरवाजे मौर्य के लिए खुले हैं.