भोपाल. ट्विशा केस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या. इस बीच भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आत्महत्या की ओर इशारा करती है. हालांकि मृतका के परिजन इस निष्कर्ष से सहमत नहीं हैं और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यदि परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहता है तो पुलिस को इसमें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम निर्णय कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है. जांच को लेकर उठ रहे सवालों पर संजय कुमार ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर यह मामला सुसाइड का लगता है, हत्या का नहीं. उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में जांच में समय लगना स्वाभाविक है क्योंकि हर एविडेंस को इकट्ठा करना जरूरी होता है.
मुख्य आरोपी समर्थ फिलहाल फरार है, जिस पर इनाम भी घोषित किया जा चुका है. इस पर जवाब देते हुए पुलिस कमिश्नर ने कहा कि गिरफ्तारी में देरी का मतलब लापरवाही नहीं होता, बल्कि पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए 6 टीमों को लगाया गया है और जल्द गिरफ्तारी की कोशिश जारी है.
इस केस में एक और विवाद तब सामने आया जब पोस्टमार्टम के दौरान इस्तेमाल की गई रस्सी या पट्टा शुरुआती तौर पर डॉक्टरों तक नहीं पहुंच पाया. इस पर सफाई देते हुए पुलिस ने कहा कि एफएसएल टीम ने उस पट्टे को जब्त किया था और तकनीकी कारण से वह समय पर नहीं भेजा जा सका. हालांकि बाद में उसे डॉक्टरों को सौंप दिया गया और रिपोर्ट पर इसका कोई असर नहीं पड़ा.
परिवार की तरफ से यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है, जिसके चलते पुलिस पर दबाव हो सकता है. इस पर पुलिस कमिश्नर ने साफ तौर पर इनकार किया और कहा कि जांच में किसी तरह का कोई दबाव नहीं है और पुलिस पूरी तरह निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है. संजय कुमार ने भरोसा दिलाया कि पुलिस की कोशिश है कि पीड़ित परिवार के सभी सवालों का जवाब दिया जाए और उन्हें न्याय मिले. उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सही कार्रवाई जल्द की जाएगी.