तमिलनाडु सरकार ने मंदिरों के चढ़ावे और मंदिर निधि के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर का पैसा केवल धार्मिक कार्यों, रखरखाव और श्रद्धालुओं से जुड़े उद्देश्यों पर ही खर्च होगा। सरकार ने 246 करोड़ रुपये की 46 व्यावसायिक परियोजनाएं रद्द कर दी हैं। जानिए पूरा मामला।