10 राज्यों में अलर्ट, वाराणसी के 84 घाटों का संपर्क टूटा, पहाड़ से मैदान तक जल त्राहिमाम!

  • 11:24
  • प्रकाशित: अगस्त 13, 2026

देश के मध्य, उत्तर और पूर्वी हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण कई राज्यों में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है. राजस्थान में खोखी बांध की दीवार टूटने से जहां 300 बीघा फसल तबाह हो गई, वहीं मध्य प्रदेश के खरगोन और बुरहानपुर जिलों में नदियां उफान पर हैं और कॉलोनियों में पानी भर गया है. देवास में नर्मदा पाइपलाइन फटने से लाखों लीटर पानी बह गया, जबकि छतरपुर में पहली ही बारिश में एक निर्माणाधीन पुल बहने से प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई है.

उत्तर प्रदेश में भी बारिश का कहर जारी है. वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. इस उफान के कारण काशी के सभी 84 ऐतिहासिक घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है. अंतिम संस्कार शमशान घाट की सीढ़ियों और ऊंचाई वाले छतों पर करने पड़ रहे हैं. उधर, पहाड़ी राज्यों में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से वैकल्पिक मार्ग बह गए हैं. उत्तराखंड में भी लगातार वर्षा के चलते देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे मार्ग पर 10 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को गंभीर बताते हुए गुजरात के 3 जिलों के लिए रेड अलर्ट तथा यूपी, एमपी, बिहार, झारखंड सहित 10 राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

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