होर्मुज में बजा भारत का डंका, जहाजों पर क्यों लगे भारत की जय के नारे | Syed Suhail

  • 22:19
  • प्रकाशित: मार्च 24, 2026

होर्मुज स्ट्रेट से सामने आईं तस्वीरें इस समय पूरी दुनिया के लिए चेतावनी बन गई हैं. समुद्र में सैकड़ों तेल और गैस से लदे जहाज कतार में खड़े हैं. कतर, यूएई, कुवैत और सऊदी अरब से निकले टैंकर आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन रास्ता बंद है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही पर सख्त रोक लगा रखी है और इस दौरान इजरायल व अमेरिका से जुड़े जहाजों पर हमलों के दावे भी सामने आ रहे हैं.

दूर‑दूर तक सिर्फ ऑयल और गैस वेसल ही नजर आ रहे हैं. इंजन बंद किए कई जहाज कई‑कई दिनों से समुद्र में खड़े हैं. दुनिया की ऊर्जा सप्लाई लगभग ठप हो चुकी है.

भारत के लिए राहत: ‘पाइन गैस’ जहाज सुरक्षित निकला बाहर

इसी संकट के बीच India के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. Ho​rmuz Strait से भारत का LPG टैंकर ‘पाइन गैस’ सुरक्षित बाहर निकल आया है. जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें भारतीय क्रू की खुशी साफ दिखाई दे रही है. जहाज पर मौजूद नाविक ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं.

यह जहाज बीते कई दिनों से होर्मुज में फंसा हुआ था. कई क्रू मेंबर्स पहले बता चुके थे कि उन्होंने समुद्र में मिसाइल गिरते हुए अपनी आंखों से देखा है. ऐसे हालात में भारतीय जहाज का सुरक्षित निकलना भारत की कूटनीतिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय संतुलन नीति की बड़ी जीत माना जा रहा है.

92,600 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे भारतीय टैंकर

भारत के दो LPG टैंकर—‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’—होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं. इन दोनों जहाजों पर कुल 92,612 मीट्रिक टन LPG लदा है, जिससे करीब 65 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकेंगे. इन जहाजों के 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है.

प्रधानमंत्री मोदी का फोकस: शांति, संवाद और तैयारी

मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार कूटनीति को प्राथमिकता दी है. पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे पर विस्तार से बात की. उन्होंने साफ कहा कि भारत का लक्ष्य डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए क्षेत्र में शांति की बहाली है. प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ईरान, इजरायल और अमेरिका- तीनों से संपर्क में है और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने को लेकर बातचीत चल रही है. उन्होंने यह भी माना कि इस संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है, लेकिन भारत पर इसका न्यूनतम असर पड़े, इसके लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है.

रक्षा तैयारियों पर भी जोर, राजनाथ सिंह की शीर्ष सैन्य बैठक

हालात की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ अहम बैठक की. इसमें भारत की सुरक्षा स्थिति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि यह संकट देश के लिए बड़ी परीक्षा है, ठीक वैसे ही जैसे कोरोना काल था. सरकार ने सात विशेष समूह बनाए हैं जो  तेल एवं गैस सप्लाई, खाद और उर्वरक, महंगाई नियंत्रण अफवाह और जमाखोरी पर नजर जैसे अहम क्षेत्रों की निगरानी करेंगे.  दुनिया के कई देशों में हालात बिगड़े होर्मुज संकट का असर पूरी दुनिया में दिख रहा है.

  • ऑस्ट्रेलिया: गैस स्टेशन बंद, ईंधन खत्म
  • पाकिस्तान: आंशिक लॉकडाउन, स्कूल बंद, ईंधन महंगा
  • श्रीलंका: QR कोड से तेल, निजी गाड़ियों पर लिमिट
  • बांग्लादेश: कॉलेज बंद, बिजली कटौती
  • फिलिपींस, वियतनाम, म्यांमार: वर्क फ्रॉम होम, ईंधन संकट

इन हालातों के बीच भारत में तेल‑गैस सप्लाई बनी रहना एक बड़ी राहत है.

मोदी‑ट्रंप बातचीत से बढ़ी उम्मीदें


ईरान‑इजरायल युद्ध के बीच पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने ग्लोबल सप्लाई चेन, तेल‑गैस संकट और मिडिल ईस्ट में शांति बहाली पर चर्चा की. भारत साफ तौर पर कह चुका है कि युद्ध का समाधान बातचीत से ही संभव है और होर्मुज स्ट्रेट का खुलना पूरी दुनिया के हित में है.

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