कोर्ट का जो भी आदेश होगा, मंजूर होगा: राजपाल यादव
₹17–20 करोड़ के नुकसान का दावा, मामला 14 साल से एकतरफा चलने का आरोप
नई दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में कोर्ट में फाइनल आर्गुमेंट पूरे हो चुके हैं. आज राजपाल यादव वर्चुअल तरीके से कोर्ट में पेश हुए और स्पष्ट किया कि “कोर्ट जो भी आदेश देगी, वह उसे मानने को पूरी तरह तैयार हैं.”
राजपाल यादव की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि यह मामला पिछले 14 वर्षों से एकतरफा तरीके से चल रहा है, जिसमें उनसे लगातार पैसों की मांग की जाती रही, जबकि उनकी ओर से हुए ₹17 से ₹20 करोड़ तक के नुकसान पर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई.
फाइनल आर्गुमेंट्स पर सुनवाई, जज ने दिया पूरा मौका
मामला कल और आज फाइनल आर्गुमेंट स्टेज पर था. राजपाल यादव के वकीलों ने विस्तार से अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रखीं. इसके बाद रिवर्टल आर्गुमेंट्स भी सुने गए. वकीलों के अनुसार, कोर्ट उनकी दलीलों से काफ़ी हद तक संतुष्ट दिखी और पहली बार मेरिट के आधार पर पूरी बात सुनी गई.
₹6 करोड़ देकर मामला खत्म करने का सुझाव
कोर्ट की ओर से यह सुझाव भी सामने आया कि ₹6 करोड़ की राशि देकर मामला खत्म किया जा सकता है. इस पर करीब आधे घंटे तक बहस चली और दोनों पक्ष एक एक फिगर पर सहमत भी हो गए, जिसे सामने वाले वकील ने स्वीकार किया. लेकिन जब जज ने राजपाल यादव से पूछा कि वह यह भुगतान कैसे करेंगे, तो उन्होंने साफ कहा— “मैं जेल जाने को तैयार हूं. पैसा मैं पहले ही दे चुका हूं. पहले भी जेल जा चुका हूं.”
21 मामलों पर आएगा फैसला
कोर्ट ने लगातार समझाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम रूप से भुगतान को लेकर सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद कोर्ट ने सभी फाइनल आर्गुमेंट सुनने के बाद जजमेंट रिजर्व कर लिया. अब अदालत को यह तय करना है कि राजपाल यादव पर चल रहे 21 मामलों में दी गई सज़ा.
अपहेल्ड होगी या नहीं
हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि कन्विक्शन पहले ही अपहेल्ड हो चुकी है, अब फैसला सज़ा के बिंदु पर आएगा. “कम से कम हमें मेरिट पर सुनवाई का मौका मिला” राजपाल यादव पक्ष का कहना है कि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि “कम से कम कोर्ट ने हमें मेरिट के आधार पर अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया.” अब सभी की निगाहें कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हैं.