चुनावी रण में उतरकर बंगाल और बिहार की राजनीति पर खुलकर बोलीं मैथिली ठाकुर. हार्ड कैंपेनिंग, महिलाओं और युवाओं से संवाद, बंगाली पहचान, रविंद्र संगीत और सनातन परंपरा तक—मैथिली ठाकुर ने बताया कि कैसे संस्कृति, भाषा और भावनाओं के ज़रिए वह लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं. NDTV से खास बातचीत में राजनीति, पहचान और भविष्य की पीढ़ियों पर उनके बेबाक विचार.