झारखंड के एक आदिवासी परिवार की दर्दनाक कहानी बैंकिंग व्यवस्था और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. यह मामला झारखंड के गिरिडीह जिले के बड़गड़ गांव के रहने वाले रतन लकड़ा का है. उनकी मेहनत की कमाई झारखंड ग्रामीण बैंक के खाते में जमा थी, लेकिन जब उन्हें उसी पैसे की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब वह रकम उनके काम नहीं आ सकी. रतन लकड़ा के पेंशन खाते में करीब 8,000 रुपये जमा थे. इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई और अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग शुरू हो गई. आरोप है कि बैंकिंग प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की बाधाओं के कारण परिवार समय पर खाते से पैसा नहीं निकाल सका.