आज देशभर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जा रही है.सबसे बड़ी तैयारियां ओडिशा के पुरी और गुजरात के अहमदाबाद में हैं. सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ मंदिरों के बाहर उमड़ पड़ी है.सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुरी में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीन अलग-अलग रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर जाएंगे. लोक मान्यता में गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर कहा जाता है. तीनों देवता वहां 7 दिन रहेंगे और 24 जुलाई को वापसी यात्रा यानी बड़ यात्रा पर निकलेंगे. इसके बाद 2 दिन रथ पर रहने के बाद 27 जुलाई को मुख्य मंदिर में प्रवेश करेंगे. पुरी के बड़दंड पर सुबह से ही ओडिसी नृत्य और भजन शुरू हो गए. बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं है. पुजारियों ने बताया कि रथों का श्रृंगार सुबह 4-6 बजे से शुरू हुआ. पुरी मंदिर की खासियत है कि यहां अचल मूर्ति साल में सिर्फ एक बार बाहर आती है. स्नान पूर्णिमा के बाद 14 दिन "क्वारंटाइन" के बाद आज भगवान बाहर आते हैं. इसीलिए पूरे विश्व से लाखों भक्त "जय जगन्नाथ" के उद्घोष के साथ दर्शन करने आते हैं. तीनों रथों के रंग भी खास हैं - जगन्नाथ लाल-पीला, सुभद्रा काला-लाल, बलभद्र हरा-लाल.