जयपुर की अरावली क्रिकेट अकादमी बन रही आईपीएल टैलेंट की नई फैक्ट्री, चार खिलाड़ी खेल रहे हैं IPL
जयपुर की अरावली क्रिकेट अकादमी तेजी से देश की सबसे बेहतरीन प्राइवेट क्रिकेट अकादमियों में शुमार होती जा रही है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में यह अकादमी अपनी प्रतिभा और नतीजों के कारण अलग पहचान बना चुकी है। इस अकादमी से अब तक चार खिलाड़ी आईपीएल खेल चुके हैं और सभी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन खिलाड़ियों में मुकुल चौधरी, अशोक शर्मा, कार्तिक शर्मा और आकाश चौधरी शामिल हैं। खास तौर पर मुकुल चौधरी का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है। उनका खेला गया हेलीकॉप्टर शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
रोज 300 छक्कों की प्रैक्टिस करते हैं मुकुल
अकादमी के कोच जगसिमरन सिंह के मुताबिक मुकुल रोजाना शाम को 2 से 3 घंटे सिर्फ छक्के मारने की प्रैक्टिस करते हैं। एक सत्र में वह करीब 300 छक्के लगाने पर फोकस करते हैं। कोच का कहना है कि मुकुल की शारीरिक बनावट, लंबाई और ताकत ऐसी है कि वह लगभग हर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। वह एमएस धोनी को अपना रोल मॉडल मानते हैं और एक फिनिशर की भूमिका पर लगातार काम कर रहे हैं।
जस्टिन लैंगर भी कर चुके हैं तारीफ
मुकुल को लेकर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जस्टिन लैंगर भी तारीफ कर चुके हैं। लैंगर का मानना है कि सही गाइडेंस में मुकुल आने वाले महीनों में सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बन सकते हैं।
154 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर चुके हैं अशोक
तेज गेंदबाज अशोक शर्मा भी अरावली क्रिकेट अकादमी की बड़ी ताकत हैं। कोच के अनुसार अशोक नियमित तौर पर 150 किमी प्रति घंटे के आसपास की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और हाल ही में उन्होंने 154 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड भी दर्ज की है। यह भारतीय क्रिकेट के लिहाज से बेहद खास उपलब्धि मानी जा रही है।
कई और नाम भविष्य के सितारे
अकादमी से जुड़े कार्तिक शर्मा और आकाश चौधरी ने भी अंडर‑लेवल और सीनियर क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इसके अलावा सुमित गोदारा, विशाल गोदारा, प्रशांत माली, अभियस सिंह और दानिश भाम्बू जैसे खिलाड़ी भी भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए तैयार किए जा रहे हैं।
संघर्ष से सफलता तक मुकुल की कहानी
मुकुल चौधरी का सफर आसान नहीं रहा। पारिवारिक और आर्थिक मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। कोचों का कहना है कि मुकुल की मेहनत और समर्पण ही आज उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है। हालिया आईपीएल प्रदर्शन से न सिर्फ मुकुल का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे युवा खिलाड़ियों का हौसला भी काफी बढ़ा है।
आने वाले समय में और खिलाड़ी करेंगे बड़ा नाम
अरावली क्रिकेट अकादमी से जुड़े कोचों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से और भी खिलाड़ी आईपीएल और भारतीय टीम तक का सफर तय करेंगे। जिस तरह से यह अकादमी लगातार टैलेंट तैयार कर रही है, उसे देखते हुए क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी इसे भारत की उभरती हुई टॉप क्रिकेट नर्सरी मानने लगे हैं।
जयपुर से रिपोर्ट.