क्या कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रांची विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाएंगे? ये सवाल जब दीपके से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी पूरी टीम शुरुआत से रांची में देवेंद्र महतो के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई है. अगर वह भी वहां जाएंगे, तो कहीं न कहीं फोकस ट्रांसफर हो सकता है और वह यह नहीं चाहते.
दीपके ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है. मीडिया से बात करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि कल जो रांची में हुआ, वो नहीं होना चाहिए था. ये ऐसा ही नजारा था, जो 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर में देखने को मिला था. ऐसा कदम किसी भी सरकार को नहीं उठाना चाहिए. ये छात्र सिर्फ अपना हक ही तो मांग रहे हैं, और उन्हें मिल क्या रहा है लाठी और आंसू गैस. मेरा सवाल ये है कि आखिर, छात्रों पर ही लाठीचार्ज क्यों होता है. नेता जब विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो उन पर लाठियां क्यों नहीं चलाई जाती हैं?