गाजियाबाद के बहुचर्चित 'सूर्या हत्याकांड' में पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुए मुख्य आरोपी असद को देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके जनाजे में उसके अपने ही शामिल नहीं हुए. पिता पहले से जेल में हैं, और मां-भाई वारदात के बाद से फरार हैं. पुलिस ने सुरक्षा कारणों से अन्य रिश्तेदारों की भीड़ जुटने पर रोक लगा दी थी, जिसके चलते सिर्फ असद के चाचा ही उसका शव लेने पहुंचे.
असद के चाचा ने कैमरे के सामने साफ कहा, "संगति खराब थी, उसने बहुत गलत काम किया था और उसी की सजा उसे मिली है."
कैसे हुई थी सूर्या की हत्या? बकरीद के दिन रची गई खौफनाक साजिश!
जांच में एक बड़ा और रूह कंपा देने वाला खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि बकरीद के दिन सूर्या और असद में बाइक को लेकर झगड़ा हुआ था. असद ने 'ईद की मुबारकबाद' और 'झगड़ा खत्म करने' के बहाने सूर्या को बुलाया. जब सूर्या वहां पहुंचा, तो असद ने उसे कहा, "चलो दिखाते हैं बकरा कैसे हलाल होता है". सूर्या के मना करने और भागने की कोशिश करने पर उसे पकड़कर चाकुओं से बेहरमी से गोद दिया गया. दावा है कि असद के पिता ने ही उकसाते हुए कहा था कि "इसकी कहानी यहीं खत्म कर दो".
इस बर्बर हत्याकांड के बाद पूरे देश में गुस्सा है. लखनऊ से लेकर कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं, अब इस एनकाउंटर पर सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी नेता संगीत सोम ने खोड़ा पहुंचकर सूर्या के पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. क्या है इस मर्डर और एनकाउंटर की पूरी इनसाइड स्टोरी? देखिए इस खास रिपोर्ट में.