Exclusive: जब भारत आए थे ईरानी सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी, भारत के बारे में क्या बोला था?

  • 18:16
  • प्रकाशित: मार्च 20, 2026

मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. इजरायल और अमेरिका के साथ जंग में ईरान को बीते दिनों गहरा झटका लगा. ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी की इजरायल के हमलों में मौत हो गई. अली लारिजानी देश के सुप्रीम लीडर खामेनेई के सुरक्षा सलाहकार रहे चुके थे. 2013 में भारत आए लारिजानी का इंटरव्यू NDTV ने लिया था. इस इंटरव्यू में लारिजानी ने भारत-ईरान दोस्ती को बड़ी अहमियत दी थी. उन्होंने ईरान के सदियों पुराने संबंधों को अटूट बताया है. शेखर गुप्ता के साथ विशेष बातचीत में लारीजानी ने परमाणु मुद्दे, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर चर्चा की थी.

लारिजानी ने कहा था कि भारत और ईरान के बीच संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक हैं. उन्होंने याद दिलाया कि लगभग दो शताब्दियों तक भारत की दरबारी भाषा फारसी थी. ईरान और भारत एक-दूसरे के लिए पूरक भूमिका निभाते हैं. जब हम साथ होते हैं, तो एक पूर्ण तस्वीर बनती है. हमारे बीच छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं, जैसे एक परिवार में होते हैं, लेकिन रणनीतिक स्तर पर हमारी सोच एक है."


IAEA में भारत का वोट: चोट या रणनीति?
जब शेखर गुप्ता ने उनसे पूछा कि क्या परमाणु मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में ईरान के खिलाफ भारत का वोट देना एक 'झटका' था, तो लारिजानी ने इसे परिपक्वता से स्वीकार किया. उन्होंने कहा, "यह एक बड़ा मतभेद था, लेकिन बुनियादी रिश्तों पर इसका असर नहीं पड़ा. हम चाहते थे कि भारत अधिक सक्रिय भूमिका निभाए क्योंकि भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और सांस्कृतिक रूप से हमारे बहुत करीब है."

(2013 के वॉक द टॉक इंटरव्यू के अंश)

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