दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) में हुए अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. 21 लोगों की मौत के बाद NDTV की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर जो सच्चाई दिखाई है, वह सिस्टम के मुंह पर एक करारा तमाचा है. हादसे के वक्त सबसे पहले वहां पहुंचे चश्मदीद साजिद अली ने बताया कि कैसे लोग जान बचाने के लिए चौथी-पांचवी मंजिल से कूद रहे थे. उन्होंने गद्दे वालों की दुकान से गद्दे निकालकर नीचे बिछाए, जिन पर कूदने से कुछ लोगों की जान बची. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि आग बेसमेंट से शुरू हुई और वहां बाहर से ताला लगा हुआ था. अंदर मौजूद लोग घुटन और लपटों के बीच तड़प रहे थे. फायर ब्रिगेड को पहुंचने में 1 घंटा 40 मिनट लग गए! हादसे के वक्त होटल में ज्यादातर विदेशी नागरिक (बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों से) मौजूद थे, जो पास ही के मैक्स अस्पताल में अपना सस्ता और अच्छा इलाज कराने भारत आए थे. लेकिन मौत के इस लाक्षागृह में उनकी जान चली गई.