उत्तर प्रदेश की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का आज जारी हो गई है, जिस पर बीजेपी, कांग्रेस और सपा समेत सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी रहीं. अब चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. SIR प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 2.89 करोड़ नाम हटाए गए.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशन के बाद अगर इसमें किसी वोटर का नाम नहीं है तो वो आपत्ति दर्ज करा सकता है, अपना नाम जुड़वा सकता है और अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकता है.
किस जिले में कितने नाम काटे गए?
- सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ में मतदाताओं की संख्या में सबसे चौंकाने वाली गिरावट दर्ज की गई है. जब SIR की घोषणा की गई थी, तब लखनऊ में 39.9 लाख मतदाता थे. ड्राफ्ट लिस्ट के बाद यह संख्या घटकर अब मात्र 27.9 लाख रह गई है.
- वाराणसी में लगभग 18% मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनके पास अभी भी फॉर्म 6 भरकर दोबारा जुड़ने का विकल्प मौजूद है. वहीं, ललितपुर में 27 सितंबर 2025 तक यहां 9.5 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जो अब घटकर 8.6 लाख रह गए हैं. यह लगभग 9.95% की कमी है.
- बरेली में कुल 21 प्रतिशत यानी 7 लाख 16 हजार 509 मतदाताओं के नाम सूची से कटने का दावा सामने आया है. सबसे ज्यादा असर बरेली शहर और बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्रों में देखा गया है, जहां बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं. ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक पहले जिले में कुल 34 लाख 5 हजार 64 मतदाता दर्ज थे, जो अब घटकर 26 लाख 91 हजार 67 रह गए हैं. मौजूदा सूची में 14 लाख 82 हजार 546 पुरुष, 12 लाख 8 हजार 468 महिला और 53 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
- SIR के बाद मुरादाबाद में कुल 20 लाख 71 हजार 844 मतदाता दर्ज किए गए हैं. इनमें से 1 लाख 96 हजार 201 मतदाताओं को लो-मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें नोटिस भेजे जाएंगे. जिन बूथों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, वहां नए बूथ भी बनाए गए हैं, जिनकी सूची सभी राजनीतिक दलों को दे दी गई है.
- आंकड़ों के अनुसार, आगरा में 36.71 लाख मतदाताओं में से 9 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, जिसके बाद अब वहां 27.63 लाख वोटर बचे हैं.
- कानपुर में 10 विधानसभा क्षेत्रों से कुल 9,02,148 नाम हटाए गए हैं, जो कुल वोटरों का 25.50% है.
- जौनपुर की 9 विधानसभाओं में भी भारी कटौती देखी गई है, जहां जौनपुर सदर से 1,04,501 और मड़ियाहूं से 1,12,686 नाम काटे गए हैं, जबकि शाहगंज, मुंगरा बादशाहपुर और मछलीशहर जैसे क्षेत्रों में भी 50 से 70 हजार के बीच नाम हटाए गए हैं.
- बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में भी सुधार का व्यापक असर दिखा है. झाँसी की चार विधानसभाओं में कुल 2,19,612 नाम काटे गए, जिनमें सर्वाधिक 65,905 नाम झांसी सदर से कम हुए हैं.
- बांदा में मतदाताओं की संख्या 13.49 लाख से घटकर 11.74 लाख रह गई है, यानी यहां 1.75 लाख नाम हटाए गए. जालौन में 2.12 लाख और गाजीपुर में 4.08 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से डिलीट हुए हैं.
- बलिया में जिला प्रशासन ने करीब 4.50 लाख नाम हटाए हैं, जिसके बाद जिले में अब 20.54 लाख मतदाता ही शेष हैं.
- इटावा में भी 2.33 लाख वोटरों की कटौती हुई है, जिससे यहां अब कुल 9,96,613 योग्य मतदाता बचे हैं.
- रायबरेली में कुल 3.48 लाख हटाए गए नामों में 67,808 मृतक, 1.70 लाख स्थानांतरित और 29,336 डुप्लीकेट मतदाता शामिल थे. चंदौली में भी 2.30 लाख मतदाता सूची से बाहर हुए हैं.
UP SIR ड्रॉफ्ट: सबसे ज्यादा लखनऊ में कटे 12 लाख नाम, चुनाव आयोग ने बताई इसकी बड़ी वजह | UP Voter List Draft 2026: Why Lakhs of Names Removed in Lucknow, Varanasi & Lalitpur?
सबसे बड़ा कारण लखनऊ में 30.04% जनगणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, जो इस बड़ी कटौती का एक प्रमुख तकनीकी कारण माना जा रहा है. सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और बुंदेलखंड के ललितपुर में भी आंकड़ों में बड़ी गिरावट है.
मेरे और परिवार का नाम एसआईआर से गायब, जबकि हमारे पास सारे कागजात: सप्पल
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मसौदा सूची जारी होने के बाद मंगलवार को दावा किया कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों के नाम एसआईआर से गायब हैं, जबकि उनके पास सारे कागजात हैं और 2003 की मतदाता सूची में भी उनके नाम थे.
वाराणसी में एसआईआर के बाद 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे
यूपी में एसआईआर के बाद 12.55 करोड़ मतदाताओं की आज रफ सूची आ गई बात की जाए वाराणसी की तो यहां 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे है हालांकि उनके पास अभी फॉर्म 6 विकल्प है
अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, "सूचना जारी करने का चरण, मतगणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 6 जनवरी से 27 फरवरी, 2026 तक किया जाएगा. उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा."
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) - मुख्य आंकड़े
- उत्तर प्रदेश में अब मतदाताओं की कुल संख्या 12.56 करोड़ (12,55,56,25) है
- विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं
- अक्टूबर 2025 में SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ थी
- हटाए गए कुल नामों में से 46 लाख मतदाता मृत पाए गए
मतदाताओं के घटने/हटाने के मुख्य कारण
- 46.23 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है.
- 2.17 करोड़ मतदाता अपना स्थान बदल चुके हैं जो कुल का 14.06% है
- 25.47 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज है
यदि उनका नाम सूची में नहीं है... सीईओ नवदीप रिनवा
उत्तर प्रदेश के सीईओ नवदीप रिनवा ने कहा कि 6 मार्च, 2026 को हम एसआईआर के तहत अंतिम मतदाता सूची जारी करेंगे. मतदाताओं को वेबसाइट पर अपना ईपीआईसी नंबर दर्ज करके अपना विवरण जांचना चाहिए. मैं मतदाताओं से ऐसा करने का आग्रह करता हूं. यदि उनका नाम सूची में नहीं है, तो उन्हें फॉर्म 6 भरना चाहिए.
'SIR 18.7 लाख लोगों को हस्ताक्षर नहीं'- नवदीप रिनवा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, यूपी
6 फरवरी तक दर्ज कर सकेंगे आपत्तियां
UP चुनाव आयोग ने बताया कि 6 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट आएगी. 6 फरवरी तक लोग आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे.
UP में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 2.89 करोड़ नाम कटे
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के SIR का पहला चरण 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ. बीएलओ की मदद से काम तेज़ी से आगे बढ़ा. निर्धारित समयसीमा 11 दिसंबर थी, लेकिन नामों की बड़े पैमाने पर डिलीशन के कारण समय बढ़ाकर 26 दिसंबर तक किया गया. इस दौरान 2 करोड़ से अधिक नाम हटने की स्थिति सामने आई.
अब चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. SIR प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाता हैं, जबकि 2.89 करोड़ नाम हटाए गए.
यहां देखें चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस
UP में SIR से जुड़ी अहम तारीखें
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट- 6 जनवरी
दावे और आपत्ति: 6 फरवरी तक
आपत्तियों का निस्तारण : 7 से 27 फरवरी
फाइनल वोटर लिस्ट : 6 मार्च
वोटर लिस्ट में कैसे चेक करें नाम
https://voters.eci.gov.in पर जाएं. राज्य पोलिंग स्टेशन नंबर और नाम डालें. अपना पूरा नाम डालें अपने अभिभावक का पूरा नाम डालें.
अपने जिले का नाम डालें अपनी आयु डालें. विधानसभा क्षेत्र अंकित करें. वोटर आईडी का सीरियल नंबर डालें.
फॉर्म कहां सबमिट करें
ऑनलाइन चुनाव आयोग की वेबसाइट (voters.eci.gov.in) या ECINET app
बूथ लेवल अधिकारी के पास जाकर ये फॉर्म सबमिट करें.
कौन सा फॉर्म भरें?
- फॉर्म 6 भरें 18 साल की उम्र पूरी कर पहली बार नया वोटर बनने के लिए.
- फॉर्म 7 भरें वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए, आपत्तियों और पहले के शामिल नाम में सुधार के लिए.
- फॉर्म 8 भरें निवास स्थान बदलने/मौजूदा मतदाता सूची में सुधार/वोटर कार्ड बदलने/दिव्यांगों को चिह्नित करने के लिए.
- किसी दूसरे राज्य से आकर यूपी में बसे हैं तो नाम जुड़वाने के लिए घोषणापत्र दें, जो यूपी निर्वाचन आयोग की साइट पर उपलब्ध.
11 जनवरी को पोलिंग स्टेशन जाएं
दावे और आपत्तियों की पूरी सूची भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की वेबसाइट (https://ceouttarpradesh.nic.in) पर उपलब्ध रहेगी. 11 जनवरी 2026 को सभी बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी भी उस बूथ के सभी वोटर लिस्ट के नामों को पढ़कर सुनाएंगे.
सुधार या बदलाव के लिए 1 महीने का वक्त
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट में नाम न होने या बदलाव को लेकर किसी भी शिकायत, दावे या आपत्तियों के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक आवेदन किया जा सकता है.
आज जारी होगी SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
यूपी से करीब 3 करोड़ मतदाताओं का नाम हटने को लेकर सभी दलों में बेचैनी है. चुनाव आयोग ने यूपी में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के लिए दो बार समयसीमा बढ़ाई थी. देखना होगा कि इस मोहलत के बाद कितने और नाम मतदाता सूची में जुड़ पाए हैं. लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशन के बाद अगर इसमें किसी वोटर का नाम नहीं है तो वो आपत्ति दर्ज करा सकता है, अपना नाम जुड़वा सकता है और अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकता है.














