पैर दबवाते थे, झाड़ू में भी खाते थे कमीशन-NDTV पर राम मंदिर चढ़ावा चोरों पर पूर्व कर्मचारी के खुलासे

राम मंदिर के पूर्व कर्मचारी ने बताया कि चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों से पहले उसकी खूब मुलाकात होती थी. ये लोग खुद को बड़ा ईमानदार बताते थे.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
राम मंदिर के पूर्व कर्मचारी का बड़ा दावा.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राम मंदिर परिसर में काम कर चुके पूर्व कर्मचारी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं
  • उसने बताया कि दोनों ने छोटी कंपनियों को काम देकर उनसे कमीशन लिया और मंदिर परिसर में जानकारों को नौकरी दिलाई
  • पूर्व कर्मचारी के अनुसार मंदिर परिसर में कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह और बोनस नहीं दिया जाता

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राम मंदिर परिसर में काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी ने चौंकाने वाले दावे किए हैं. उसने अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर मंदिर परिसर में दबंगई करने का आरोप लगाया. ट्रस्ट के दोनों सदस्यों पर उसने छोटी कंपनियों को काम देने के बदले उनसे कमीशन खाने का भी आरोप लगाया है.18 महीने तक राम मंदिर में नौकरी कर चुके कर्मचारी ने एनडीटीवी के सामने कई बड़े खुलासे किए हैं.

गुंडई करते थे, कमीशन खाते थे

पूर्व कर्मचारी ने राम मंदिर परिसर में अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर गुंडई करने का आरोप लगाया है. उसके मुताबिक,ये लोग सभी कर्मचारियों को परेशान करते थे. उन्होंने अपने जानकारों और रिश्तेदारों को राम मंदिर परिसर में नौकरी पर लगवाया हुआ था. पूर्व कर्मचारी का कहना है कि ट्रस्ट के ये दोनों ही पदाधिकारी छोटी-छोटी कंपनियों से कमीशन खाते थे. इनके जानकार और रिश्तेदार मंदिर परिसर में मजे करते थे. उसका आरोप है कि गोपाल राव और अनिल मिश्रा का बस चले तो वे पूरी अयोध्या पर कब्जा कर लें. हालांकि चंपत रॉय के बारे में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए उसने कहा कि उनको लेकर मेरी कोई शिकायत नहीं है. 

8 गिरफ्तार आरोपी खुद को ईमानदार बताते थे

पूर्व कर्मचारी ने बताया कि चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों से पहले उसकी खूब मुलाकात होती थी. इन लोगों से वह मंदिर परिसर में चाय पीने के दौरान मिलता जुलता रहता था. उस दौरान ये लोग खुद को बड़ा ईमानदार बताते थे और बहुत ही शांत रहते थे.

राम मंदिर के बिल चेक करने पर गड़बड़ी मिलेगी

साल 2022 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अगस्त 2025 तक मंदिर परिसर में काम कर चुके कर्मचारी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव को मुख्य सरगना बताते हुए कहा कि ये लोग धांधली करते थे. सरकार ने सैलरी बढ़ा दी है लेकिन फिर भी ये लोग वहां काम करने वालों को पूरी तनख्वाह नहीं देते थे. न ही उनको बोनस देते थे.आखिर ये सब पैसा जा कहां रहा है, जबकि उनसे 30-31 ड्यूटी लेते थे. उनको एक छुट्टी तक नहीं देते. पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि मंदिर के छोटी-छोटी चीजों का बिल अगर चेक किया जाए तो उसमें भी गड़बड़ी निकल आएगी.

Advertisement

ये लोग झाड़ू में भी पैसा खाते थे

उन्होंने कहा कि पेड़ जाली का भी नरीक्षण किया जाए कि उसमें नया लोहा लगा है या फिर पुराना लोहा लगा है. अगर झाड़ू की भी जांच की जाए तो पता चलेगा कि बाजार में यह सौ, डेढ़ सौ, दो सौ या बहुत ज़्यादा तीन सौ रुपये की आती होगी. लेकिनबिल पंद्रह सौ से दो हजार को होता है.  ये पता तो चले कि कहां से कब से चोरी हो रही है. 

अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर बड़े आरोप

 डॉक्टर अनिल मिश्रा और गोपाल राव का अगर बस चले तो ये लोग पूरी अयोध्या और हनुमान गढ़ी और ट्रस्ट को भी अपने कब्जे में कर लें. जिनके अलग-अलग जमीनें ली हैं वे लोग भी रोते हैं. उनसे अगर पूछा जाए कि जो पैसा पास हुआ तो वह क्या आपको मिला कि नहीं मिला. उनको पता भी नहीं होगा कि उनका इतना पैसा बनाता है. 

छोटी कंपनियों को इसलिए देते थे काम

पूर्व कर्मचारी ने बताया कि उसके काम करने के दौरान चंपत राय तो वहां सिर्फ दो, तीन बार ही आए. छोटी-छोटी चीजों पर अनिल मिश्रा और गोपाल राव का ही सबसे ज्यादा हस्ताक्षेप होता था. ये लोग छोटी कंपनियों को काम इसलिए देते हैं क्यों कि इनको उनसे कमीशन मिलता है. फिर बड़ी कंपनियों को ये काम क्यों हीं देंगे.वहीं टिन्नू यादव को लेकर उसने बताया कि वह लोगों से अपने पैर दबवाता था.

Advertisement

ये भी पढ़ें-चंदा चोर मिले तो ओम शांति नहीं, ओम क्रांति कहिए... राममंदिर विवाद पर भड़के संत ने जानें क्या-क्या कह दिया

Topics mentioned in this article
Ayodhya Ram Mandir  news 
Ram Mandir Donation Theft
Ram Mandir Donation Theft SIT
Ram Mandir Donation Scam
Anil Mishra