- प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद तूल पकड़ रहा है.
- कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर भारतीय युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने शंकराचार्य के समर्थन में पोस्टर लगाए हैं.
- पोस्टरों में मनुस्मृति और रामचरितमानस की पंक्तियों का उपयोग कर भाजपा और यूपी सरकार पर निशाना साधा है.
प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस विवाद ने विपक्ष को उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा के खिलाफ जुबानी हमले का एक और मौका दे दिया है. अब समाजवादी पार्टी के बाद शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस के राज्य मुख्यालय पर भी एक पोस्टर लगा है, जिसमें रामचरितमानस और मनु स्मृति की पंक्तियों का जिक्र कर निशाना साधा गया है.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस राज्य मुख्यालय पर भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने पोस्टर लगाया है, जिसकी काफी चर्चा है. शंकराचार्य के समर्थन में लगे इस पोस्टर में एक महात्मा की शिखा को खींचते भी दिखाया गया है. साथ ही बिना किसी का नाम लिए रामचरितमानस और मनुस्मृति की पंक्तियों के जरिए निशाना साधा गया है. हालांकि यह साफ है कि इशारा भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर है.
पोस्टर में क्या लिखा है?
- कांग्रेस राज्य मुख्यालय में लगे इन पोस्टरों में मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए लिखा है, गुरो: अपमानं कृत्वा नरकं याति दारुणम. (जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है, वह भयानक नरक में गिरता है.)"
- साथ ही श्रीरामचरितमानस की पंक्तियों के जरिए भी निशाना साधा गया है. ये पंक्तियां हैं, जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही."
सपा के कार्यालय पर भी लगे थे पोस्टर
शायद यह पहली बार है, जब किसी कांग्रेस नेता ने रामचरितमानस और मनुस्मृति का हवाला देकर भाजपा पर पोस्टर के माध्यम से वार किया है.
इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुख्यालय के बाहर भी शंकराचार्य के समर्थन में पोस्टर लगे थे. समाजवादी छात्रसभा के पूर्व प्रदेश सचिव आशुतोष सिंह की ओर से यह पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें लिखा था कि ‘शंकराचार्य का अपमान, नही सहेगा हिंदुस्तान'.














