DIG दफ्तर में बवाल: पुलिस से नोकझोंक के बाद सांसद इकरा हसन हिरासत में लिया, थाने के बाहर दिया धरना

सहारनपुर में सपा सांसद इकरा हसन को डीआईजी दफ्तर के बाहर हंगामे के बाद हिरासत में लिया गया. वह मोनू कश्यप हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पहुंची थीं. इस दौरान पुलिस से तीखी बहस और धरना देखने को मिला.

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MP Iqra Hasan Detained: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मंगलवार को उस वक्त माहौल अचानक गरमा गया, जब सपा सांसद इकरा हसन और पुलिस के बीच डीआईजी दफ्तर के बाहर तीखी नोकझोंक हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि सांसद को हिरासत में लिया गया. बताया जा रहा है कि वह एक हत्या के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पहुंची थीं, लेकिन बातचीत से पहले ही विवाद खड़ा हो गया और देखते ही देखते पूरा घटनाक्रम हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया. सांसद कार्यकर्ताओं के साथ थाना सदर के बाहर ही धरने पर बैठ गई. 

पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी दफ्तर पहुंचीं सांसद

कैराना से सपा सांसद इकरा हसन मंगलवार को सहारनपुर के डीआईजी कार्यालय पहुंचीं. उनके साथ जसाला गांव के मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा पीड़ित परिवार भी था. परिवार का आरोप था कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला, इसलिए वे सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे.

पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि डीआईजी कार्यालय की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई. इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण होता गया. सांसद का आरोप है कि डीआईजी ने पीड़ित महिला के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया, जिससे मामला और भड़क गया.

तीखी बहस और धरना

विवाद के दौरान सांसद और पुलिस के बीच कड़ी बहस शुरू हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर चलने के लिए कहा, तो इकरा हसन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “मुझे हाथ मत लगाइए.” इसके बाद वे डीआईजी दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गईं. इस बीच वहां मौजूद लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी.

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पुलिस ने हिरासत में लिया

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और सांसद को महिला थाने ले जाया गया. आरोप है कि उन्हें करीब 10 मिनट तक वहां बैठाकर रखा गया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया. पुलिस ने सिर्फ सांसद ही नहीं, बल्कि सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप समेत कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया. डीआईजी दफ्तर के बाहर जाम लगाने के आरोप में इन पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

इकरा हसन ने पुलिस प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि वे पीड़ित परिवार की बात रखने गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की. उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रैफिक सामान्य था और उनके पास घटना का वीडियो भी मौजूद है.

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हत्याकांड से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा विवाद जसाला गांव के 25 वर्षीय मोनू कश्यप की मौत से जुड़ा है. वह 21 अप्रैल की रात रेलवे ट्रैक के पास घायल मिले थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी. 

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