- लखनऊ के मानवेंद्र हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत ने हत्या स्वीकार करते हुए शव के टुकड़े छिपाने की बात कही है
- अक्षत ने पिता का शव कई हिस्सों में काटकर घर से दूर फेंकने का प्रयास किया लेकिन धड़ ले जाने में विफल रहा
- मृतक मानवेंद्र की हत्या वाली रात उनकी किसी महिला से तीखी बहस हुई थी और अक्षत नशे का आदि था
लखनऊ के चर्चित मानवेंद्र हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस की गिरफ्त में आए बेटे अक्षत ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले बयान दिए हैं, जिससे इस हत्याकांड की कपरतें और उलझती नजर आ रही हैं. पुलिस पूछताछ के दौरान अक्षत का एक अलग ही रूप देखने को मिला. कभी पत्थर दिल दिखने वाला अक्षत अचानक फफक कर रो पड़ा और बोला, "अगर मौका मिलता तो पापा का अकेले में ही अंतिम संस्कार कर देता." अक्षत ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उसने हत्या के बाद शरीर को कई हिस्सों में काटा. साक्ष्य छिपाने के लिए वह शव के टुकड़ों को घर से 21 किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक आया और वापस ऐसे लौटा जैसे कुछ हुआ ही न हो.
धड़ ठिकाने लगाने का 'प्लान फेल'
अक्षत ने शरीर के अंगों को तो ठिकाने लगा दिया था, लेकिन पिता का धड़ उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था. उसने धड़ को ले जाने के लिए कार को पोर्च पर लगाया. जैसे ही वह शव रखने की कोशिश करने वाला था, दरवाजे पर किसी की आवाज आई. पकड़े जाने के डर से अक्षत ने तुरंत अपना प्लान कैंसिल कर दिया.
हत्या वाली रात का रहस्य: कौन थी वह 'रहस्यमयी महिला'?
मृतक मानवेंद्र के पड़ोसी अंशुमान दुबे ने एनडीटीवी को बताया, घटना वाली रात मानवेंद्र की फोन पर किसी महिला से तीखी बहस हुई थी. बताया जा रहा है कि अक्षत नशे का आदि हो गया था और अय्याशी के लिए पैसे खर्च करता था, जिससे मानवेंद्र काफी परेशान थे. कुछ समय पहले घर से कैश और गहने चोरी हुए थे. अक्षत ने खुद को बचाने के लिए नौकरानी को चोर बना दिया था, जबकि बाद में पता चला कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड को महंगे गिफ्ट देने के लिए वह चोरी की थी.














