नीले ड्रम में भरी पिता की लाश! पढ़ाई पर कसाई बने लखनऊ के अक्षत पर हैरान करने वाले खुलासे

यह घटना 20 फरवरी की सुबह की है. पुलिस पूछताछ में अक्षत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने पिता के सिर में लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.

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  • लखनऊ में 19 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से हत्या की।
  • अक्षत ने पिता का शव आरी से काटकर हाथ, पैर, सिर अलग फेंक दिए और धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया था।
  • हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई और सुसाइड की कहानी भी बताई।
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लखनऊ के आशियाना इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. यहां एक 19 साल बेटे ने अपने ही पिता की लाइसेंसी राइफल से हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शव के साथ जो किया, उसे सुनकर इलाके के लोग स्तब्ध हैं. इस पूरी वारदात के केंद्र में है 19 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह, जिसका व्यवहार बचपन से ही  जिद्दी रहा है. पड़ोसियों के मुताबिक, अक्षत की मां की मौत बचपन में ही हो गई थी, जिसके बाद वह बेहद अड़ियल, जिद्दी और बागी स्वभाव का हो गया था. करीब 4 साल पहले भी अक्षत ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए एक चिट्ठी छोड़ी थी और घर से भाग गया था.   

अक्षत का मन पढ़ाई-लिखाई में बिल्कुल नहीं लगता था, जबकि उसके पिता मानवेंद्र सिंह (जो शराब और पैथोलॉजी के बड़े कारोबारी थे) चाहते थे कि उनका बेटा मेडिकल की पढ़ाई करे और उनके बिजनेस को संभाले. इसी करियर और पढ़ाई के दबाव ने अक्षत के भीतर ऐसी नफरत भरी कि उसने अपने ही पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.  

पहले गोली मारी, फिर किए शव के टुकड़े

डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, यह घटना 20 फरवरी की सुबह की है. पुलिस पूछताछ में अक्षत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने पिता के सिर में लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए घर के उस ग्राउंड फ्लोर पर ले गया, जहां कोई नहीं रहता था. 

बाजार से खरीद कर लाया आरी

शुरुआत में उसने शव को कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण वह असफल रहा. इसके बाद वह बाजार से आरी खरीदकर लाया और पिता के शव को बेरहमी से काट डाला. उसने हाथ, पैर और सिर काटकर कहीं दूर फेंक दिए, जबकि धड़ को एक स्लीपिंग बैग में भरकर नीले ड्रम में छिपा दिया. 

गुमशुदगी और सुसाइड की झूठी कहानी

शातिर अक्षत ने पुलिस को गुमराह करने के लिए 20 फरवरी को ही पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जब पुलिस ने घर के सदस्यों से बारीकी से पूछताछ शुरू की, तो अक्षत के बयानों में विरोधाभास मिला. पहले उसने इसे सुसाइड बताने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने सारा सच उगल दिया.       

इलाके में दहशत का माहौल

मानवेंद्र सिंह पिछले 12 सालों से इस कॉलोनी में रह रहे थे और स्वभाव से काफी अच्छे व्यक्ति माने जाते थे. उनके पिता (अक्षत के दादा) सुरेंद्र पाल सिंह एक सेवानिवृत्त दरोगा हैं, जो जालौन में रहते हैं. इस घटना ने पूरे आशियाना इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस ने आरोपी अक्षत को हिरासत में ले लिया है. उसके खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने इकट्ठा किए हैं और हत्या के अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है.

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