- उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में कुल बारह करोड़ पचपन लाख मतदाता शामिल हैं.
- पुनरीक्षण के दौरान लगभग दो करोड़ उनत्तीस लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं.
- मतदाता सूची से नाम कटने के कारणों में मृतक मतदाता और स्थायी रूप से बाहर जाने वाले मतदाता प्रमुख हैं.
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट आ गया है. वोटर लिस्ट के शुद्धीकरण अभियान में कुल 2.89 करोड़ नामों के नाम कटे हैं. ये कटे वोट कहां चोट करेंगे, अब इसको लेकर सस्पेंस गहरा गया है. बरेली की बात करें तो कुल 21 प्रतिशत यानी 7 लाख 16 हजार 509 मतदाताओं के नाम कटे हैं. सबसे ज्यादा असर बरेली शहर और बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्रों में देखा गया है, जहां बड़ी संख्या में मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं. पूरे राज्य की बात करें तो सबसे ज्यादा 12 लाख वोटर लखनऊ में कटे हैं (खबर पढ़ें). जानिए यूपी के SIR से जुड़े 10 सवालों के जवाब...
1. SIR के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में यूपी में कितने वोटर हैं?
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि SIR की प्रक्रिया के बाद मसौदा मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं.
2. डॉफ्ट वोटर लिस्ट में कितने वोटर कम हुए हैं?
यूपी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल 2 करोड़ 89 लाख नाम कटे हैं. पिछले साल 27 अक्टूबर की मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे. मसौदा सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं को गिनती के दौरान शामिल नहीं किया जा सका है. इसमें राज्य के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.
3. अगर वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है तो क्या करें?
सीईओ नवदीप रिणवा ने कहा कि अब मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी तक दर्ज कराई जा सकेंगी. इस दौरान लोग सूची में नाम शामिल करने, सुधार करने या आपत्ति करने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
4. यूपी में वोटर लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम क्यों कटे?
रिणवा ने कहा कि 46.23 लाख मतदाता (2.99%) मृत पाए गए, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता (14.06%) या तो स्थायी रूप से बाहर चले गए थे या प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे. 25.47 लाख अन्य मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया.
5. वाराणसी में SIR के बाद कितने वोटरों के नाम कटे हैं?
यूपी में एसआईआर के बाद 12.55 करोड़ मतदाताओं की आज रफ सूची आ गई. बात की जाए वाराणसी की तो यहां 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे हैं, हालांकि उनके पास अभी फॉर्म 6 विकल्प है.
6. यूपी में वोटर लिस्ट का SIR कैसे किया गया?
रिणवा ने बताया कि इस काम में एक लाख 72 हजार 486 बूथ शामिल किए गए थे. इनमें बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) फार्म भरवाने के लिये मतदाताओं तक पहुंचे थे. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों ने भी इस काम में मदद की.
7. चुनाव आयोग ने यूपी में 15 दिन का एक्स्ट्रा टाइम क्यों लिया?
सीईओ ने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की कवायद मूल रूप से 11 दिसंबर को खत्म होने वाली थी लेकिन लगभग दो करोड़ 97 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर हो रहे थे जिसके बाद 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया. इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग की मंजूरी से SIR प्रक्रिया की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गई थी. रिणवा ने बताया कि शुरू में मसौदा मतदाता सूची जारी करने की तारीख 31 दिसंबर तय की गई थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बाद में इसे छह जनवरी कर दिया गया.
8. यूपी में SIR की टाइमलाइन क्या है?
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए संशोधित तारीखें जारी की थीं, जो 1 जनवरी, 2026 की क्वालिफाइंग तारीख पर आधारित थीं. इसमें मतदाताओं की लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन अब 6 मार्च, 2026 को होना तय है. दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक तय की गई है.
9. यूपी में फाइनल वोट लिस्ट कब आएगी?
नोटिस चरण, फॉर्म गिनने पर निर्णय, दावे और आपत्तियों का निपटारा 6 जनवरी से 27 फरवरी, 2026 तक किया जाएगा. उत्तर प्रदेश की चुनावी लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा.
10. कैसे पता करें कि मेरा नाम वोटर लिस्ट में है या कट गया है?
कैसे पता करें कि मेरा नाम वोटर लिस्ट में है या कट गया है? सबसे आसान तरीका है voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाना. वहां 'Search in Electoral Roll' पर क्लिक करें, आप अपने नाम, पिता के नाम या अपने वोटर आईडी (EPIC) नंबर से स्टेटस देख सकते हैं. इसके अलावा 'Voter Helpline App' से भी यह जानकारी तुरंत मिल जाएगी.
UP SIR ड्रॉफ्ट: सबसे ज्यादा लखनऊ में कटे 12 लाख नाम, चुनाव आयोग ने बताई इसकी बड़ी वजह














