उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में कुल बारह करोड़ पचपन लाख मतदाता शामिल हैं. पुनरीक्षण के दौरान लगभग दो करोड़ उनत्तीस लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. मतदाता सूची से नाम कटने के कारणों में मृतक मतदाता और स्थायी रूप से बाहर जाने वाले मतदाता प्रमुख हैं.