- कानपुर जिले के सजेती थाना क्षेत्र के मढ़ा गांव में ट्रैक्टर निकालने को लेकर विवाद के बाद बड़ी हिंसा और आगजनी
- हिंसक हमलावर कई कारों में आए और दलित बस्ती में लाठी-डंडों से हमला कर घर में आग लगा दी गई
- इस हमले में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए और महिलाओं तथा बुजुर्गों को भी चोटें आईं
कानपुर पुलिस ऑफिस से 60 किलोमीटर दूर सजेती थाना क्षेत्र स्थित मढ़ा गांव शनिवार को गोलियों की तड़तड़ाहट और चीख-पुकार से गूंज उठा. ट्रैक्टर निकालने को लेकर दोपहर में शुरू हुआ मामूली विवाद शाम होते-होते एक खूनी संघर्ष और आगजनी में तब्दील हो गया. दबंगों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए दलित बस्ती में जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. घटना की शुरुआत शनिवार दोपहर को हुई, जब गांव के रास्ते से ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई.उस वक्त यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों की पिटाई कर दी. उस समय तो मामला शांत हो गया, लेकिन अपमान की आग भीतर ही भीतर सुलग रही थी. दोपहर की घटना से बौखलाए दूसरे पक्ष ने शाम को बदला लेने की ठानी.
घटना की हर एक डिटेल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर कई कारों में सवार होकर दलित बस्ती पहुंचे.गाड़ियों से उतरते ही उन्होंने लाठी-डंडों और गड़ासों से लोगों पर हमला बोल दिया.हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की. हद तो तब हो गई जब उपद्रवियों ने एक घर को आग के हवाले कर दिया.आग की लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई.इस हमले में महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया.घायलों का आरोप है कि उन्हें बालों से पकड़कर घसीटा गया और धारदार हथियारों से वार किए गए. घायलों ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि इस हमले की अगुवाई सरगांव ग्राम प्रधान के बेटे ने की.आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ पूरी तैयारी से हमला करने आया था. इस खूनी संघर्ष में कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
विधायक ने कहा- दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया.घायलों को आनन-फानन में घाटमपुर सीएचसी ले जाया गया. इधर घटना की सूचना मिलते ही घाटमपुर विधायक सरोज कुरील एक शादी समारोह को बीच में ही छोड़कर सीधे अस्पताल पहुंचीं.विधायक ने घायलों का हालचाल जाना और उनकी आपबीती सुनी. उन्होंने तत्काल डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी को फोन कर घटना पर कड़ी नाराजगी जताई.विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दलित परिवार के घर में आगजनी और मारपीट की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो.
विधायक के हस्तक्षेप और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया. सजेती थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल, गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. इस मामले में थाना इंचार्ज सजेती अनुज कुमार भारती ने बताया कि ट्रेक्टर निकलने को लेकर विवाद था एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के साथ मारपीट करते हुए आगजनी की और भाग गए, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.














