हमीरपुर नाव हादसा: 5 मासूम बच्चों समेत 6 के शव बरामद, पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा

Hamirpur Boat Tragedy: हमीरपुर के यमुना नाव हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं. मरने वालों में 5 नाबालिग बच्चे और एक महिला शामिल हैं. NDRF और SDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं. शादी समारोह से लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हुआ था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में नाव पलटने से एक महिला सहित छह लोगों की मौत हो गई है
  • हादसा कुतुबपुर पटिया गांव में शादी समारोह के बाद लौटते समय नाव के अनियंत्रित होकर पलटने से हुआ था
  • रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक छह शव बरामद किए गए हैं जिनमें पांच बच्चे और एक महिला शामिल हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Hamirpur Boat Accident: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में हुआ नाव हादसा अब एक बड़ी त्रासदी में बदल गया है. बुधवार शाम को हुए इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं. दरअसल यह हादसा उस वक्त हुआ जब शादी समारोह की खुशियां मनाकर लोग वापस लौट रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.मरने वालों में एक महिला के साथ पांच मासूम बच्चे शामिल हैं, जिससे पूरे कुतुबपुर पटिया गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.

शादी की रस्मों के बाद लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव की है. गांव निवासी देशराज निषाद के घर में शादी का उत्सव था. इसी सिलसिले में बुधवार शाम देशराज अपने करीब 9 रिश्तेदारों के साथ यमुना नदी के दूसरे पार स्थित टापू पर गए थे. रस्में पूरी करने के बाद जब सभी लोग नाव से वापस लौट रहे थे, तभी बीच नदी में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई. नाव पलटते ही वहां चीख-पुकार मच गई. कुछ लोग तैरकर बाहर आने में सफल रहे, लेकिन बाकी गहरे पानी में समा गए.

रेस्क्यू ऑपरेशन और बरामद हुए शव

हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. मौके पर तत्काल NDRF, SDRF और फ्लड PAC की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोरों को उतारा गया. बीती रात से जारी सर्च ऑपरेशन के बाद रेस्क्यू टीम ने अब तक छह शवों को नदी से बाहर निकाल लिया है. मृतकों की पहचान महिला बृजरानी के साथ 14 वर्षीय अर्चना, गोरेलाल, आकांक्षा, रानी और आदित्य के रूप में हुई है. एक साथ पांच नाबालिगों की मौत ने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया है.
ये भी पढ़ें: यूपी, बिहार से बंगाल तक नया एक्सप्रेसवे बनेगा, गंगा एक्सप्रेसवे को देगा टक्कर, तीन राज्यों के ये 12 जिले कनेक्ट होंगे

गांव में नहीं जला चूल्हा, मातम में बदलीं खुशियां

इस हृदयविदारक घटना के बाद कुतुबपुर पटिया गांव के हर घर में मातम छाया हुआ है. एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला की मौत की खबर ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है. आलम यह है कि शोक की इस लहर के बीच पूरे गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है.

Advertisement

प्रशासनिक अमला और राहत कार्य

घटना स्थल पर डीआईजी सहित पूरा जिला प्रशासन और पुलिस बल मौजूद रहा. राहत एवं बचाव कार्य की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी खुद ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करते रहे. बीजेपी के सदर विधायक मनोज प्रजापति ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया. फिलहाल, स्थानीय गोताखोर और रेस्क्यू टीमें नदी में अन्य संभावित लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्चिंग कर रही हैं. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है.
ये भी पढ़ें: मेरठ में 'पाताल' से निकल रहे तमंचे! अलमारी के नीचे तहखाने में चल रही थी 'मौत की फैक्ट्री' 

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | PM Modi के सादगी वाले चैलेंज से विपक्ष को लगी मिर्ची? | Sawaal India Ka