- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आमका और बिसरख के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की
- करीब पंद्रह हजार वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है जिसकी कीमत लगभग तीस करोड़ रुपये है
- प्राधिकरण ने आमका के खसरा संख्या 295 से 299 तक की जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर कब्जा करने की कोशिश पर कार्रवाई की
ग्रेटर नोएडा में फिर एक बार योगी सरकार का बुलडोजर गरजा. शुक्रवार को प्राधिकरण ने आमका और बिसरख के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. प्राधिकरण ने आमका गांव में करीब 15 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है. यहां अवैध प्लाटिंग की कोशिश थी जिसके बाद इसपर ऐक्शन हो गया. प्रशासन ने इसके साथ बिसरख के डूब क्षेत्र में बने तीन मकानों को ढहा दिया.
कब्जा करने की थी कोशिश
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित एरिया में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. प्राधिकरण की टीम अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि ग्राम आमका के खसरा संख्या 295, 296, 297, 298 व 299 की जमीन पर कालोनाइजर अवैध निर्माण कर कब्जाने की कोशिश कर रहे थे.
30 करोड़ की 15 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जामुक्त
प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और लगभग 15 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जे से मुक्त करा लिया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है. यह कार्रवाई दोपहर में करीब दो घंटे तक चली.वहीं बिसरख के डूब एरिया में निर्माणाधीन तीन मकानों को ढहा दिया गया है. दोनों ही कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे.
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा है कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित एरिया में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है. ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें. उन्होंने अपील की है कि अवैध कॉलोनी में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं.














