- गाजियाबाद के लोनी थाना पुलिस ने एक बुजुर्ग की हत्या के मामले में उनके बेटे और महिला साथी को गिरफ्तार किया
- मृतक के बेटे बिलाल ने संपत्ति से बेदखल किए जाने पर पिता की हत्या की साजिश रची थी
- हत्या के बाद आरोपी शव को बेसमेंट में छोड़कर मुंबई भाग गए थे, जहां से बिलाल को गिरफ्तार किया गया
UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की थाना लोनी पुलिस ने बीते 11 अप्रैल को हुई एक बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए उनके बेटे समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. करोड़ों की संपत्ति से बेदखल किए जाने से नाराज बेटे ने अपने दोस्त और एक महिला साथी के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी थी. वारदात के बाद आरोपी शव को बेसमेंट में छोड़कर फरार हो गए थे. पुलिस ने कातिल बेटे को महाराष्ट्र से, जबकि उसकी महिला मित्र को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है. मामले का तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है.
पत्नी ने दर्ज करवाई शिकायत
गाजियाबाद के लोनी एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 11 अप्रैल 2026 को वादिया नसरीन (पत्नी अजीमुद्दीन उर्फ तन्नू), निवासी टोली मोहल्ला, लोनी ने पुलिस को तहरीर दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति अजीमुद्दीन उर्फ नन्ना की हत्या कर दी गई है. इस शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.
बिलाल को महाराष्ट्र के मुंब्रा से गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर हुई जांच में मृतक के बेटे बिलाल का नाम सामने आया. पुलिस ने बिलाल को महाराष्ट्र के मुंब्रा से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर गाजियाबाद लेकर आई. वहीं, हत्या में शामिल उसकी महिला मित्र खुशबू को लोनी क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया गया. शुरुआत में बिलाल पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
प्रेमिका के साथ मिलकर बनाया प्लान
बिलाल ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता ने उसे अपनी पूरी संपत्ति से बेदखल कर दिया था. काफी समझाने के बावजूद पिता ने उसे न तो संपत्ति में हिस्सा दिया और न ही खर्चे के लिए पैसे दिए. इसके बाद बिलाल ने अपनी महिला मित्र खुशबू और दोस्त निसार के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची. हत्या के बाद वे शव को बेसमेंट में डालकर और बाहर से ताला लगाकर मुंबई भाग गए थे.
आरोपियों पर घोषित किया इनाम
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. जांच में यह भी सामने आया कि बिलाल आवारागर्दी करता था और उस पर काफी कर्ज भी था, जिसके चलते उसके पिता ने उसे बेदखल किया था. पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल 2026 को बिलाल, खुशबू और निसार ने अजीमुद्दीन के सीने पर लात-घूंसों से हमला कर उनकी जान ले ली थी.
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वालों की तलाश में कई टीमें लगाई गई थीं. बिलाल की लोकेशन मुंबई में मिलने पर उसे वहां से पकड़ा गया. वारदात के समय मौके पर मौजूद रही खुशबू की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. फिलहाल पुलिस तीसरे फरार आरोपी निसार की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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