यूपी में नीतीश कुमार का पुतला जलाने की तैयारी में थे NSUI छात्र, तभी पुलिस ने कर दिया 'खेला'

NSUI ने चेतावनी दी है कि अगर डॉ. नुसरत को न्याय नहीं मिला और नीतीश कुमार ने सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो यह प्रदर्शन तो अभी शुरुआत है. आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बिहार के CM नीतीश कुमार के एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना का विरोध कई राज्यों में फैल गया है
  • कानपुर में NSUI ने सड़कों पर प्रदर्शन कर नीतीश कुमार और मंत्री संजय निषाद का पुतला जलाने का प्रयास किया
  • प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पुतला छीन लिया. इस दौरान उनकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बहस भी हुई
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कानपुर (यूपी):

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने की घटना के बाद विरोध की आग अब देश के कई राज्यों में फैल गई है. उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने इसको लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया. शहर के तिलक हॉल से लेकर बड़ा चौराहा तक छात्रों के आक्रोश मार्च निकाला. प्रदर्शन के दौरान बड़ा चौराहा पर पुलिस के साथ उनकी नोंकझोंक भी देखने को मिली. हालांकि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने जलाने से पहले उनसे पुतला छीन लिया.

छात्र बिहार के सीएम नीतीश कुमार और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद का पुतला फूंकने की तैयारी कर रहे थे. कार्यकर्ता नारेबाजी में व्यस्त थे, तभी फिल्मी अंदाज में पीछे से आए एक पुलिसकर्मी ने फुर्ती दिखाते हुए कांग्रेसियों के हाथ से पुतला छीन लिया. इसके बाद वहां माहौल गरमा गया.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सड़क पर तीखी बहस शुरू हो गई. छात्रों का कहना था कि पुलिस सत्ता के दबाव में लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने की कोशिश कर रही है. NSUI के नेताओं ने कहा कि एक महिला डॉक्टर का सार्वजनिक मंच पर हिजाब खींचना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह सत्ता के नशे में चूर संवेदनहीनता को दर्शाता है. उन्होंने मंत्री संजय निषाद के बयान को आग में घी डालने वाला बताया.

संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर डॉ. नुसरत को न्याय नहीं मिला और नीतीश कुमार ने सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो यह प्रदर्शन तो अभी शुरुआत है. आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा.

15 दिसंबर को हिजाब खींचे जाने का आया है 

दरअसल ये गुस्सा उस घटना के खिलाफ फूटा है, जो 15 दिसंबर को बिहार में हुई थी. आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मंच पर मौजूद डॉ. नुसरत परवीन का हिजाब खींच दिया. इसके बाद यूपी के मंत्री संजय निषाद ने इस पर विवादित बयान देकर मामले को और तूल दे दिया. इसी के विरोध में NSUI ने न्याय मार्च निकाला.

Advertisement

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: क्या Trump अब NATO को अकेला छोड़ देंगे? ईरान के खिलाफ नया मोर्चा खुला? | Kachehri