कार हो जाएगी कबाड़: अब इस राज्‍य में 15 साल पुरानी गाड़ियों पर बैन! आपकी गाड़ी का क्‍या होगा?

परिवहन विभाग ने इन पुरानी गाड़ियों की पहचान करके उन्हें सेवा से हटाना शुरू कर दिया है. सभी विभागों को उनकी गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन जानकारी दी गई है.

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दिल्‍ली में वाहन स्‍क्रैपेज पॉलिसी के बाद क्‍या अब पश्चिम बंगाल सरकार भी इसे लागू करने वाली है? फिलहाल, पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है जिसके तहत वो अपनी 22,000 से ज्‍यादा पुरानी गाड़ियों को हटाने जा रही है. ये सभी गाड़ियां 15 साल से ज्‍यादा पुरानी है. एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि इस पहल का मकसद सरकारी बेड़े को आधुनिक बनाना है. सवाल ये है कि आम लोगों पर कितनी सख्‍ती बरती जाएगी और आपकी गाड़ी का क्‍या होगा.  

22,000 गाड़ियां हो जाएंगी कबाड़ 

अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के तहत पुलिस और परिवहन जैसे विभागों में इस्तेमाल हो रही पुरानी गाड़ियों को सेवा से हटाया जा रहा है. सरकार इन पुरानी गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां लाने पर जोर दे रही है. अधिकारी ने बताया,'पुलिस विभाग की 698 गाड़ियां, परिवहन विभाग की 481 और विभिन्न सरकारी कंपनियों की 710 गाड़ियां हटाने के लिए चुनी गई हैं.'

उन्होंने आगे बताया, 'इसके अलावा, लोक निर्माण, पंचायत और जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग जैसे विभागों ने भी सामूहिक रूप से 19,000 से ज्‍यादा गाड़ियों को हटाने की सूची दी है, जिससे कुल संख्या 22,000 के करीब हो गई है.'

परिवहन विभाग ने इन पुरानी गाड़ियों की पहचान करके उन्हें सेवा से हटाना शुरू कर दिया है. सभी विभागों को उनकी गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन जानकारी दी गई है और उन्हें इन गाड़ियों को चलाना बंद करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि इस सूची में सभी तरह की गाड़ियां शामिल हैं, जिनमें से कई डेढ़ दशक यानी 15 साल से ज्‍यादा समय से इस्‍तेमाल की जा रही हैं. 

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पुरानी की जगह नई गाड़ियां

पुरानी गाड़ियों को हटाए जाने के साथ ही, कई विभागों ने नई गाड़ियां खरीदना भी शुरू कर दिया है. अधिकारी ने बताया कि सरकार पुरानी गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर खास जोर दे रही है. इस फैसले से टिकाऊ और पर्यावरण-हितैषी तरीकों को बढ़ावा मिलेगा.

इसके अलावा, कई विभाग अब गाड़ियां खरीदने की जगह उन्हें किराए पर ले रहे हैं. अधिकारी ने बताया, 'यह फैसला सिर्फ बजट को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि ज़्यादा लचीलापन और दक्षता लाने के लिए भी लिया गया है. अब ज्‍यादातर गाड़ियां किराए पर ली जा रही हैं, जिससे सरकारी परिवहन सेवाओं के प्रबंधन में बड़ा बदलाव आया है.'

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आपकी गाड़ी का क्‍या होगा?

अगर आप पश्चिम बंगाल में रहते हैं और आपकी कार या कोई अन्‍य गाड़ी 15 साल से ज्‍यादा पुरानी हो गई है तो भी फिलहाल आपको टेंशन नहीं लेना है. फिलहाल आम लोगों को इस सख्‍ती से दूर रखा गया है. यानी आपकी कार 15 साल से ज्‍यादा पुरानी हो गई है तो भी आप अभी आराम से उसका इस्‍तेमाल जारी रख सकते हैं. हालांकि जब पश्चिम बंगाल में स्‍क्रैपेज पॉलिसी लागू होगी तो आपको गाड़ियों को स्‍क्रैप कराना होगा. 

अधिकारी के अनुसार, फिलहाल सरकारी सेवा में इस्‍तेमाल की जा रही 22,000 गाड़ियों पर ये कार्रवाई होगी. अधिकारी ने बताया कि जिन गाड़ियों को सेवा से हटाया जाएगा, उन्हें सरकारी खुले मैदानों और डिपो में रखा गया है, जहां से उन्हें चरणबद्ध तरीके से कबाड़ में बदला जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए की जा रही है.

एक अधिकारी ने ये भी बताया कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल रोकना है. प्रशासनिक हलकों में यह बात मानी जाती है कि कई सरकारी गाड़ियां अक्सर व्यक्तिगत कामों के लिए इस्तेमाल होती हैं. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में ऐसे लोगों को भी गाड़ी दी गई है जो इसके हकदार नहीं हैं. बड़ी संख्या में गाड़ियों को हटाने से इन गलत कामों पर रोक लगने की उम्मीद है.

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