Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट 2026 पेश किया. उन्होंने बजट में घोषणा की कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों के भारत के सेवा क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा के लिए एक नई समिति गठन करेगी. यह समिति यह आकलन करेगी कि AI किस तरह से सेवाओं के क्षेत्र में बदलाव ला रहा है और भविष्य में इसके क्या संभावनाएं और चुनौतियां हो सकती हैं.
विकास की संभावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह समिति सेवा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को अधिकतम करने वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई तकनीक का इस्तेमाल रोजगार, उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में अच्छे से किया जा सके.
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रिफॉर्म्स का रास्ता, भाषणबाजी नहीं
बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने नारेबाजी के बजाय सुधारों का रास्ता चुनने पर फोकस किया है. उन्होंने आगे कहा कि भारत, विकसित भारत बनने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाता रहेगा.
टेक इंडस्ट्री को अब AI इको-सिस्टम से है बड़ी उम्मीद
बता दें, कि बजट से पहले देश की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों को उम्मीद थी कि सरकार AI इकोसिस्टम के विकास, नवाचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाएगी. साथ ही, बाजार में AI को अपनाने के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट देने की भी मांग की जा रही थी.
आर्थिक रणनीति में भी AI पर जोर
29 जनवरी को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में AI को केवल प्रतिष्ठा की तकनीकी दौड़ नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति के रूप में देखा गया है. सर्वे में सुझाव दिया गया है कि AI के विकास के लिए बॉटम-अप और सेक्टर-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाई जाए, जो ओपन और इंटरऑपरेबल सिस्टम पर आधारित हो. कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में AI भारत के सेवा क्षेत्र की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाला है.














