Bullet Train: भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिक तकनीक अपना रहा है, जिसमें स्वदेशी 'कवच' सुरक्षा प्रणाली, वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें, AI-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए ट्रैक अपग्रेड शामिल हैं. अब भारत जल्द ही बुलेट ट्रेन भी लेकर आने वाला है. B28 भारत की अपनी स्वदेशी बुलेट ट्रेन है, जिस पर काम पहले से ही बेंगलुरु स्थित BEML की रेल कोच फैक्ट्री में चल रहा है. अक्टूबर 2024 में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने BEML को दो हाई‑स्पीड ट्रेनसेट्स को डिजाइन करने, बनाने और लॉन्च करने का ठेका दिया था. रेल मंत्रालय, B28 प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, एक नई हाई‑स्पीड बुलेट ट्रेन B35 बनाने की योजना बना रहा है.
B28 और B35 बुलेट ट्रेन की रफ्तार और खासियत
B28 बुलेट ट्रेन को अधिकतम 280 किमी प्रति घंटा की गति के लिए तैयार किया गया है, लेकिन सामान्य संचालन में यह 250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. रेलवे का लक्ष्य मार्च 2027 तक पहली B28 ट्रेन तैयार करने का है. इसके बाद रेलवे का ध्यान B35 बुलेट ट्रेन पर होगा. यह B28 से ज्यादा आधुनिक होगी. B35 को 350 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति और 320 किमी प्रति घंटा की संचालन गति के लिए डिजाइन किया जा रहा है. रेलवे के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने भारत, जापान से मिली तकनीक का उपयोग कर उसे भारत में ही ढालकर यानी लोकलाइज करके इन ट्रेनों को विकसित कर रहा है.
B28 बुलेट ट्रेन की शुरुआत सूरत से वापी के बीच होगी. यह दूरी लगभग 97 किलोमीटर है. यह हिस्सा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का भाग है. रेलवे का लक्ष्य है कि इस रूट पर अगस्त 2027 तक ट्रेन सेवा शुरू कर दी जाए. यह 8-कार वाली पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) ट्रेन होगी, जिसे BEML द्वारा बेंगलुरु में बनाया जा रहा है. इसमें आरामदायक सीटें और आधुनिक इंफोटेनमेंट सिस्टम होगा.
B35 बुलेट ट्रेनB28 के बाद, भारत की अपनी बुलेट ट्रेन को और अधिक गति देने के लिए B35 विकसित करेगा. इसकी डिजाइन गति 350 किमी/घंटा और परिचालन गति 320 किमी/घंटा निर्धारित की गई है. मुंबई-अहमदाबाद के अलावा, सरकार 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे रूट शामिल हैं.
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