मोबाइल रिपेयर के लिए देना है? पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना खतरे में पड़ सकता है आपका डेटा

How to protect data when getting a phone repaired: अक्सर ऐसा होता है कि फोन गिरने या खराब होने पर लोग उसे नजदीकी थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर में रिपेयर के लिए दे देते हैं. कई मामलों में देखा गया है कि रिपेयर के बाद लोगों की निजी फोटो, चैट या अन्य डेटा लीक हो जाता है.

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रिपेयर के दौरान डेटा कैसे लीक होने से कैसे बचाएं?

How to protect data when getting a phone repaired: आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने का जरिया नहीं है, बल्कि इसमें हमारी पूरी जिंदगी कैद होती है. फोटो, वीडियो, बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल और कई जरूरी निजी जानकारियां फोन में सेव रहती हैं. ऐसे में अगर मोबाइल रिपेयर के दौरान यह डेटा गलत हाथों में चला जाए, तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है. अक्सर ऐसा होता है कि फोन गिरने या खराब होने पर लोग उसे नजदीकी थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर में रिपेयर के लिए दे देते हैं. कई मामलों में देखा गया है कि रिपेयर के बाद लोगों की निजी फोटो, चैट या अन्य डेटा लीक हो जाता है. अब, अगर आपका फोन भी खराब हो गया है और आप इसे रिपेयर के लिए देने वाले हैं, तो ये आर्टिकल आप ही के लिए है. यहां हम आपको कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपना डेटा सेव रख सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे- 

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रिपेयर के दौरान डेटा कैसे लीक होता है?

जब आप किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर फोन देते हैं, तो वे आमतौर पर डेटा डिलीट करने या बैकअप लेने की सलाह देते हैं. लेकिन कई गैर-मान्यता प्राप्त सर्विस सेंटर फोन ठीक करने के बहाने आपसे PIN या पासवर्ड मांग लेते हैं. वे कहते हैं कि रिपेयर के बाद फोन चेक करने के लिए पासवर्ड जरूरी है.

जैसे ही आप पासवर्ड देते हैं, सामने वाला व्यक्ति आपके फोन का पूरा एक्सेस पा लेता है. वह आपकी फोटो, वीडियो, सोशल मीडिया, ईमेल या बैंकिंग ऐप्स तक भी पहुंच सकता है. कई बार फोन वापस मिलने के बाद सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन कुछ ही घंटों में ब्लैकमेलिंग कॉल या मैसेज आने लगते हैं या आपका डेटा पहले ही ऑनलाइन लीक हो चुका होता है.

खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

सबसे पहली और जरूरी बात- किसी भी सर्विस सेंटर को अपने फोन का पासवर्ड कभी न दें. उन्हें आपके पासवर्ड की कोई जरूरत नहीं होती है. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में Repair Mode या Maintenance Mode होता है. इस मोड को ऑन करने पर फोन एक अलग, सुरक्षित प्रोफाइल में चला जाता है. रिपेयर करने वाला व्यक्ति फोन के फीचर्स चेक कर सकता है, लेकिन आपकी निजी फाइल्स और डेटा तक उसकी पहुंच नहीं होती. रिपेयर के बाद आप सिर्फ अपना पासवर्ड डालकर फोन को नॉर्मल मोड में ला सकते हैं.

अगर आपके फोन में Repair Mode नहीं है, तो आप Guest Mode का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह भी एक अलग प्रोफाइल बनाता है, जिसमें आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहता है. यह मोड तब भी काम आता है जब आप किसी दोस्त या सहकर्मी को फोन अस्थायी तौर पर देते हैं.

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और क्या कर सकते हैं?

अगर आपके फोन में ये दोनों ऑप्शन नहीं हैं, तो सबसे सुरक्षित तरीका है डेटा का बैकअप लेकर फोन को पूरी तरह रीसेट करना. रिपेयर के बाद दोबारा लॉगिन करके आप अपना सारा डेटा वापस पा सकते हैं.

फोन रिपेयर कराना जरूरी हो सकता है, लेकिन डेटा की सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है. ऐसे में अगली बार जब फोन रिपेयर के लिए दें, तो स्मार्ट बनें और अपना डेटा सुरक्षित रखें.

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