NPS Swasthya Pension Scheme: लोग आज के समय में अपनी हेल्थ का खास ध्यान रखने लगे हैं. वे जल्द ही किसी परेशानी को लेकर डॉक्टर के पास चले जाते हैं, ताकी समय से इलाज हो सके और बाद में किसी तरह की परेशानी न हो. अगर लंबे समय बाद किसी बीमारी का इलाज करवाया जाता है तो उसका खर्चा भी बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत एक नए हेल्थ लिंक्ड पेंशन प्रोडक्ट एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम की अनाउंसमेंट की है. इस स्कीम से लोगों को ये फायदा होने वाला है कि वे अपनी पेंशन सेविंग का इस्तेमाल मेडिकल खर्चों के लिए भी कर सकते हैं. यह नई स्कीम रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी.
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किसके काम आएगी योजना?
इस स्कीम में भारत का कोई भी नागरिक शामिल हो सकता है. इसमें सब्सक्राइबर कितनी भी राशि योगदान के लिए डाल सकते हैं, जो मौजूदा NPS के नियमों के अनुसार निवेश की जाएगी. यह स्कीम उन लोगों के लिए काम की साबित होगी, जिन्हें भविष्य में अस्पताल से जुड़े खर्चों के लिए सहायता की जरुरत हो सकती है.
कितने पैसे होने चाहिए जमा?
इस स्कीम की खासियत है कि इससे सब्सक्राइबर्स अपनी पेंशन सेविंग से OPD और IPD मेडिकल एक्सपेंस का भुगतान कर सकते हैं. मगर जब आपकी सेविंग कम से कम 50 हजार होगी तभी आप आंशिक निकासी कर सकते हैं. निकासी की सीमा सब्सक्राइबर की अपनी योगदान राशि का मैक्सिमम 25 प्रतिशत तक है. इसके अलावा कितनी भी बार आप पैसे निकाल सकते हैं और इसके लिए अधिक इंतजार का समय भी अधिक नहीं होगा.
कितनी होनी चाहिए योग्यता?
इस स्कीम में शामिल होने के लिए आपका भारत का नागरिक होना जरूरी है. जो लोग पहले से कॉमन स्कीम अकाउंट रखते हैं वो आसानी से स्वास्थ्य पेंशन अकाउंट खोल सकते हैं. 40 साल से ऊपर के सब्सक्राइबर (सरकारी सेक्टर के बाहर) कॉमन स्कीम अकाउंट से अपनी और/या कर्मचारी योगदान की 30% राशि स्वास्थ्य पेंशन स्कीम में ट्रांसफर कर सकते हैं.














