Noida News: नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है. शहर में हर हफ्ते लगने वाले साप्ताहिक बाजार अब नए नियमों के तहत चलाए जा सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और गंदगी की परेशानी को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा प्लान तैयार किया है. योजना के तहत सड़कों के किनारे लगने वाले बाजारों को हटाकर खाली मैदानों या तय स्थानों पर लगाया जाएगा. इससे लोगों को जाम से राहत मिलेगी और बाजारों में व्यवस्था भी बेहतर होगी.
क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?
नोएडा के कई सेक्टरों में हर हफ्ते साप्ताहिक बाजार लगते हैं. यहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं. लेकिन बाजार सड़क किनारे लगने की वजह से ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है. लोग सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे दूसरे वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है. खासतौर पर शाम के समय कई इलाकों में लंबा जाम लग जाता है.
इसके अलावा बाजार खत्म होने के बाद आसपास गंदगी भी फैल जाती है. सफाई व्यवस्था संभालने में भी दिक्कत आती है. इन समस्याओं को देखते हुए प्राधिकरण अब बाजारों को व्यवस्थित करने की तैयारी में है.
खाली मैदानों में लगाए जाएंगे बाजारप्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, शहर के प्रमुख बाजारों के आसपास खाली जगहों की पहचान शुरू कर दी गई है. कोशिश की जा रही है कि बाजार ऐसी जगह लगाए जाएं जहां ट्रैफिक पर ज्यादा असर न पड़े.
जैसे- सेक्टर-22 चौड़ा मोड़ से सेक्टर-25A मोदी मॉल की तरफ लगने वाले सोमवार बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है. अधिकारियों का कहना है कि इसे पास के खाली मैदान में लगाने पर विचार किया जा रहा है.
दुकानदारों से लिया जाएगा शुल्कनोएडा प्राधिकरण अब साप्ताहिक बाजारों के लिए नई नीति तैयार कर रहा है. इसके तहत बाजारों के संचालन के लिए एक साल के टेंडर जारी किए जाएंगे. चयनित ठेकेदार बाजार का संचालन करेगा और दुकानदारों से तय शुल्क लिया जाएगा. इससे बाजारों में बेहतर व्यवस्था बनेगी.
बता दें कि साप्ताहिक बाजारों को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है. साल 2010-11 में भी शहर में कई साप्ताहिक बाजार बंद कर दिए गए थे. उस समय भी ट्रैफिक जाम को बड़ा कारण माना गया था. अब एक बार फिर बाजारों को लेकर नई योजना तैयार की जा रही है, लेकिन इस बार कोशिश बाजार बंद करने की नहीं बल्कि उन्हें बेहतर तरीके से चलाने की है.
साप्ताहिक बाजार आम लोगों के लिए काफी जरूरी माने जाते हैं. यहां रोजमर्रा का सामान, सब्जियां, कपड़े और घरेलू चीजें कम कीमत में मिल जाती हैं. छोटे दुकानदारों को भी रोजगार मिलता है. ऐसे में प्राधिकरण की कोशिश है कि बाजार बंद न हों, बल्कि उन्हें बेहतर तरीके से संचालित किया जाए ताकि लोगों को सुविधा भी मिले और ट्रैफिक की समस्या भी कम हो.
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