'जन गण मन' पर खड़े न होने पर कितनी सजा मिलती है, कितना देना पड़ता है जुर्माना? जानिए राष्ट्रगान से जुड़े कानून

Jan Gan Man Rules: अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान का अपमान करता है, गाने में रुकावट डालता है या सम्मान नहीं दिखाता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. आइए जानते हैं इसके लिए कितनी सजा मिलती है और कितना जुर्माना देना पड़ता है-

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राष्ट्रगान का अपमान करने पर क्या कार्रवाई होती है?

Jan Gan Man Rules: 'जन गण मन' भारत का राष्ट्रगान है और इसे गाते या सुनते समय सम्मान दिखाना हर नागरिक की जिम्मेदारी मानी जाती है. जब भी राष्ट्रगान बजता है, तब आमतौर पर सभी लोगों का खड़ा होना जरूरी माना जाता है, जब तक कि कोई शारीरिक परेशानी न हो. राष्ट्रगान को लेकर देश में साफ और सख्त कानून बने हुए हैं. अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान का अपमान करता है, गाने में रुकावट डालता है या सम्मान नहीं दिखाता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. आइए जानते हैं इसके लिए कितनी सजा मिलती है और कितना जुर्माना देना पड़ता है-

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राष्ट्रगान का अपमान करने पर क्या कार्रवाई होती है?

राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अनुसार, दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है. इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान के सही समय, स्थान और तरीके को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं.

वंदे मातरम के लिए कानून क्यों नहीं है?

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान के बराबर सम्मान दिया गया है, लेकिन इसके लिए अभी तक कोई सख्त कानूनी नियम तय नहीं किए गए हैं. न तो इसे गाते समय खड़ा होना अनिवार्य है और न ही इसके अपमान पर कोई तय सजा है. साल 2022 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वंदे मातरम के लिए कोई बाध्यकारी कानून मौजूद नहीं है. यानी इसे गाने या न गाने को लेकर किसी पर कानूनी दबाव नहीं डाला जा सकता है. 

हालांकि, हाल ही में गृह मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम के लिए भी राष्ट्रगान जैसे नियम बनाए जाने चाहिए. इसमें यह सवाल भी उठा कि क्या इसे गाते समय खड़ा होना जरूरी हो, क्या इसके अपमान पर जुर्माना या सजा तय की जाए और क्या इसे राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम के तहत लाया जाए. यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार वंदे मातरम के सम्मान में एक साल लंबा आयोजन कर रही है.

फिलहाल इस मुद्दे पर चर्चा जारी है, लेकिन अभी तक कोई नया नियम या अधिसूचना जारी नहीं की गई है. जब तक कोई बदलाव नहीं होता, तब तक जन गण मन के लिए सख्त कानून लागू रहेंगे, जबकि वंदे मातरम को लेकर कोई कानूनी बाध्यता नहीं है.

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