Agriculture Special: खेती में भी है खूब पैसा! इस किसाने ने लाल, नीले, पीले तरबूज उगाकर की 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ की कमाई, जान लें क्या है तकनीक

How technology transforming farming methods : एक किसान ने ‘रेनबो वॉटरमेलन’ उगाकर न सिर्फ लोगों को चौंकाया है, बल्कि अपनी कमाई से भी चर्चा में आ गए हैं. उनके तरीके ने बताया कि कैसे एक्सपेरिमेंट, टेक्नोलॉजी और सही फैसले मिलकर गेम बदल देते हैं.

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रंग-बिरंगे तरबूज की खेती कर बनें लखपति
AI/ सांकेतिक तस्वीर

How technology transforming farming methods: हरियाणा के पानीपत से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो खेती को लेकर बनी पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल देती है. आमतौर पर तरबूज का नाम आते ही दिमाग में लाल गूदे वाली तस्वीर बनती है, लेकिन यहां एक किसान ने इस धारणा को ही नया मोड़ दे दिया है. 63 साल के किसान राम प्रताप शर्मा ने ‘रेनबो वॉटरमेलन' उगाकर न सिर्फ लोगों को चौंकाया है, बल्कि अपनी कमाई से भी चर्चा में आ गए हैं. खेती को घाटे का सौदा मानने वालों के बीच उनकी यह सफलता एक अलग ही उदाहरण पेश करती है, जहां एक्सपेरिमेंट, टेक्नोलॉजी और सही फैसले मिलकर गेम बदल देते हैं.

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लाल नहीं, पांच रंगों में उग रहे तरबूज

राम प्रताप शर्मा के खेतों में उगने वाले तरबूज किसी आम फल की तरह नहीं हैं. यहां लाल के साथ-साथ ऑरेंज, डार्क येलो, लाइट येलो और यहां तक कि ब्लू शेड वाले तरबूज भी देखने को मिलते हैं. इन अलग-अलग रंगों ने ही उनके प्रोडक्ट को मार्केट में अलग पहचान दिलाई है. देखने में आकर्षक होने के साथ-साथ ये प्रीमियम कैटेगरी में बिकते हैं, जिससे उन्हें बेहतर रेट मिलता है.

टेक्नोलॉजी ने दिया साथ

राम प्रताप शर्मा ने साल 2011 में पारंपरिक खेती से हटकर मॉडर्न फार्मिंग अपनाने का फैसला किया. उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगाया, पॉलीहाउस टेक्नीक अपनाई और थाईलैंड व ताइवान से प्रीमियम सीड्स मंगवाए. इन बदलावों ने उनकी खेती की क्वालिटी और प्रोडक्शन दोनों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. यही वजह है कि उनका माल अब दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे बड़े मार्केट्स तक सप्लाई हो रहा है.

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कमाई ने भी चौंकाया

इस अनोखी खेती का सबसे बड़ा असर उनकी आमदनी पर दिखा है. राम प्रताप शर्मा करीब 6.5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की कमाई कर रहे हैं. यह आंकड़ा पारंपरिक खेती के मुकाबले कई गुना ज्यादा है. यही नहीं, उनकी इस कामयाबी ने आसपास के लोगों के लिए रोजगार के मौके भी पैदा किए हैं.

इनोवेशन को मिला सम्मान

उनकी इस इनोवेटिव खेती को देखते हुए उन्हें ‘कृषि रत्न अवॉर्ड' जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं. अब उनकी कहानी सिर्फ एक किसान की सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि सही दिशा और नए तरीके अपनाकर खेती को एक हाई-इनकम सेक्टर बनाया जा सकता है. राम प्रताप शर्मा की यह कहानी यह भी बताती है कि अगर खेती में स्मार्ट सोच और इनोवेटिव तरीके अपनाए जाएं, तो इसे भी एक मजबूत कमाई वाला सेक्टर बनाया जा सकता है.

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