Fitment Factor Update: हर साल मार्च से मई के बीच ज्यादातर सरकारी और निजी कर्मचारियों को अपनी सैलरी बढ़ोतरी, जॉब प्रोफाइल, अप्रेजल और एरियर को लेकर चिंता होती है. निजी कंपनियों में यह प्रक्रिया अक्सर लंबी और कठिन होती है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के लिए यह मौका पे कमीशन के जरिए मिलता है. अब 8वां केंद्रीय वेतन आयोग यानी 8th Central Pay Commission बनाया जा चुका है. यह आयोग 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा. इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के पास एक अच्छा मौका है कि वे अपनी सैलरी बढ़ोतरी, भत्ते, पेंशन और अन्य सुविधाओं के बारे में सुझाव दे सकें.
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पोर्टल पर सुझाव देने का मौका
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों से सुझाव मांगने की अपील की है. इसके लिए MyGov पोर्टल पर एक विशेष प्रश्नावली (Questionnaire) जारी की गई है. कर्मचारी अपने सुझाव 16 मार्च 2026 तक भेज सकते हैं. पे कमीशन इन सभी सुझावों का अध्ययन करेगा और फिर सैलरी, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलावों पर एक रिपोर्ट तैयार करेगा. यह रिपोर्ट सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित करेगी.
आयोग की वेबसाइट पर जारी जानकारी8वें वेतन आयोग की वेबसाइट पर साफ बताया गया है कि सभी हितधारकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं. इनमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी और अदालतों का स्टाफ, रेगुलेटरी संस्थाओं के सदस्य, कर्मचारी संगठन, पेंशन भोगी, शोधकर्ता और शिक्षाविद और आम जनता शामिल है. आयोग का उद्देश्य है कि सभी की राय लेकर संतुलित और ठोस सिफारिशें तैयार की जाएं.
फिटमेंट फैक्टर वही आधार होता है जिस पर सैलरी बढ़ती है. नई सैलरी निकालने का फार्मूला है, नई सैलरी=बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर, हालांकि, अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 हो सकता है. आसान भाषा में समझें तो अगर किसी कर्मचारी का बेसिक पे 18,000 है, तो 18,000 × 1.92 = 34,560 (नई बेसिक सैलरी), इसके बाद HRA, TA और DA भी इसी नई सैलरी के आधार पर तय किए जाएंगे.
सरकारी कर्मचारियों पर असर8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों को कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं. जिसमें सैलरी में बढ़ोतरी, भत्तों में बदलाव, पेंशन में सुधार और नए पे स्केल लागू हो सकते हैं. नीतियों में सुधार और अतिरिक्त लाभ भी मिलने की संभावना है.













