क्या कभी दो लोगों के फिंगरप्रिंट एक जैसे होते? जुड़वां बच्चों के कैसे होते हैं फिंगरप्रिंट, जानिए इसके पीछे का साइंस

Fingerprint: फिंगरप्रिंट हमारे हाथों और पैरों की उंगलियों पर बनी प्राकृतिक उभरी हुई रेखाएं होती हैं. इन उभरी हुई रेखाओं को रिज कहा जाता है. इनके बीच की जगह मिलकर एक खास तरह का पैटर्न बनाती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फिंगरप्रिंट बनते कब हैं?
Freepik

Fingerprint: हमारे फिंगरप्रिंट यानी उंगलियों के निशान, किसी भी व्यक्ति की पहचान करने में बहुत मदद करते हैं. खासकर ऑनलाइन वेरिफिकेशन और सुरक्षा सिस्टम में इनका इस्तेमाल होता है, क्योंकि हर इंसान के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं, इसलिए ये धोखाधड़ी और पहचान की चोरी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि क्यों दो लोगों के फिंगरप्रिंट कभी एक जैसे नहीं होते? यह मानव शरीर की एक बेहद दिलचस्प और अनोखी बात है.

यह भी पढ़ें:- Fake Email Identification: ईमेल असली है या नकली, जानिए ईमेल को पहचानने का सही तरीका क्या है?

फिंगरप्रिंट होते क्या हैं?

फिंगरप्रिंट हमारे हाथों और पैरों की उंगलियों पर बनी प्राकृतिक उभरी हुई रेखाएं होती हैं. इन उभरी हुई रेखाओं को रिज कहा जाता है. इनके बीच की जगह मिलकर एक खास तरह का पैटर्न बनाती है. ये पैटर्न जिंदगी भर नहीं बदलते, इसी वजह से फिंगरप्रिंट पहचान का बहुत भरोसेमंद तरीका माने जाते हैं.

दरअसल, हमारी उंगलियों पर बने फिंगरप्रिंट यानी पैटर्न जिंदगी भर नहीं बदलते. अगर आपकी त्वचा पर हल्की चोट भी लग जाए, तो ठीक होने के बाद फिंगरप्रिंट दोबारा बिल्कुल उसी पैटर्न में वापस आ जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि फिंगरप्रिंट त्वचा की अंदरूनी गहरी परतों में बनते हैं. जब तक इन गहरी परतों को गंभीर नुकसान न पहुंचे, फिंगरप्रिंट का डिजाइन हमेशा वैसा ही रहता है, लेकिन क्या कभी दो लोगों के फिंगरप्रिंट एक जैसे हो सकते है. जुड़वां बच्चों के फिंगरप्रिंट कैसे कैसे हैं. चलिए आपको बताते हैं फिंगरप्रिंट के पीछे का साइंस क्या है?

फिंगरप्रिंट बनते कब हैं?

फिंगरप्रिंट का बनना गर्भावस्था के लगभग 10वें हफ्ते से शुरू हो जाता है. जब बच्चा मां के गर्भ में होता है, तब उसकी उंगलियां हिलती हैं, दीवारों, सतहों और आसपास के तरल (fluid) को छूती हैं और उसी समय उसकी त्वचा तेजी से विकसित हो रही होती है. इन सब हिलने-डुलने, दबाव और त्वचा के बढ़ने के कारण हर बच्चे की उंगलियों पर अलग और अनोखा पैटर्न बनता है. यही वजह है कि किसी भी दो लोगों के फिंगरप्रिंट कभी भी एक जैसे नहीं होते.

हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट अलग क्यों होते हैं?

हमारे फिंगरप्रिंट बनते तो जीन (genes) से ही हैं, लेकिन जीन हर छोटी-छोटी बात को नियंत्रित नहीं करते. फिंगरप्रिंट बनते समय कई चीजें पैटर्न को प्रभावित करती हैं, जैसे उंगलियों में ब्लड फ्लो, त्वचा के बढ़ने की गति, गर्भ में बच्चे की स्थिति और आसपास कितना दबाव पड़ रहा है. इन्हीं कारणों से हर उंगली का पैटर्न थोड़ा-थोड़ा अलग बन जाता है. यहां तक कि जुड़वां बच्चे, जिनका DNA बिल्कुल एक जैसा होता है, उनके फिंगरप्रिंट भी अलग-अलग होते हैं. ऐसा इन छोटे-छोटे विकास के अंतर की वजह से होता है.

Featured Video Of The Day
Child Marriage Free India: West Bengal के आगामी Assembly Elections का मुद्दा बनेगा 'बाल विवाह'? NDTV
Topics mentioned in this article