हर प्रवासी मजदूर को मिलेगा सिलेंडर! दिल्ली सरकार लगा रही खास कैंप, Cylinder के लिए इस डॉक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत, जानें जरूरी बातें

दिल्ली सरकार विशेष कैंप लगाकर प्रवासी मजदूरों को गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है. साथ ही 5 किलो के सिलेंडर की डिलीवरी के आवंटन में 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है.

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सिलेंडर के लिए खास कैंप

Delhi Government Special Camps for Cylinder: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत पर भी देखने को मिला है. देश में कई जगहों से एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आईं. इसी बीच दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों को सस्ता और आसान एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है. दरअसल, दिल्ली सरकार विशेष कैंप लगाकर प्रवासी मजदूरों को गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है. साथ ही 5 किलो के सिलेंडर की डिलीवरी के आवंटन में 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है. आइए जानते हैं सिलेंडर के लिए किस डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी और बाकी जरूरी डिटेल्स...

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किस डॉक्यूमेंट की होगी जरूरत?

ये विशेष कैंप ऑयल मार्केंटिग कंपनी (ओएमसी) के अधिकृत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से चलाए जाएंगे. पात्र प्रवासी मजदूर आधार कार्ड जमा करके और भुगतान कर 5 किलोग्राम का एफटीएल सिलेंडर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही पूरी प्रक्रिया पर सख्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि पारदर्शिता और व्यवस्था बनी रहे.


सभी डीएम को दिए गए निर्देश

दिल्ली सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों की अधिक आबादी वाले इलाकों में खास कैंप आयोजित करें. साथ ही जिन मजदूरों को सिलेंडर लेने में कोई दिक्कत आ रही है, वे अपने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं और अपने क्षेत्र में कैंप लगाने का अनुरोध कर सकते हैं.

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कम होगी प्रवासी मजदूरों की समस्या

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए नए आवंटन के बाद दिल्ली में 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी एफटीएल सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता को दोगुना कर दिया गया है. अब प्रतिदिन 684 सिलेंडरों के बजाय 1,368 सिलेंडर उपलब्ध होंगे. दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले प्रवासी मजदूर अक्सर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण परेशानी का सामना करते हैं.

इस नई व्यवस्था से उनकी समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है. यह कदम दिल्ली सरकार की प्रवासी मजदूर कल्याण नीति का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी मजदूर खाना पकाने के लिए महंगे या अवैध ईंधन पर निर्भर न रहे. खास कैंप के माध्यम से जागरूकता भी फैलाई जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र मजदूर इस योजना का लाभ उठा सकें.

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