Animal Lovers: एनिमल लवर्स के लिए एक खुशखबरी है. दिल्ली सरकार पशु क्रूरता पर लगाम लगाने के लिए एक नई योजना लेकर आई है. जानवरों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने फैसला किया है कि दिल्ली के हर जिले में SPCA यानी पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम सोसायटी की समिति बनाई जाएगी. इस कदम का मकसद जानवरों से जुड़े मामलों पर स्थानीय स्तर पर जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करना है. विकेंद्रीकृत व्यवस्था और सीधे प्रशासनिक नियंत्रण से पशु संरक्षण से जुड़े कानूनों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा. इसकी जानकारी खुद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी है.
नई योजना क्या है?
- दिल्ली के सभी 13 जिलों में SPCA समितियां बनाई जाएंगी
- हर जिले की अपनी अलग समिति होगी
- ये समितियां पशु क्रूरता रोकने और पशु कल्याण के लिए काम करेंगी
- इससे जमीन पर निगरानी और तुरंत कार्रवाई बेहतर होगी
- यह योजना स्थानीय स्तर पर फैसले लेने को मजबूत बनाएगी
हर SPCA समिति का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट (DM) करेंगे. उनके साथ पशु कल्याण से जुड़े विशेषज्ञ और अधिकारी काम करेंगे. जिला मजिस्ट्रेट के जिम्मे होने से माना जा रहा है कि मामलों में तेज कार्रवाई होगी और अलग‑अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा.
यह प्रणाली दो स्तरों पर काम करेगी. पहला जिला स्तर काम करेगी, जिसमें पशुओं से होने वाली क्रूरता की शिकायतों को देखा जाएगा, स्थानीय मामलों पर निगरानी रखी जाएगी, पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय होगा. दूसरी राज्य स्तर पर काम करेगी. पशु कल्याण बोर्ड शीर्ष संस्था (एपेक्स बॉडी) होगा, यह तकनीकी और आर्थिक सहायता देगा और सभी जिलों में काम की निगरानी करेगा. इस दो‑स्तरीय व्यवस्था से कामकाज ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी होने की उम्मीद है.
इस योजना के तहत एक बड़ा बदलाव होगा. मौजूदा दिल्ली SPCA (DSPCA) को खत्म किया जाएगा. उसकी जगह नई, ज्यादा सुव्यवस्थित व्यवस्था लाई जाएगी. इसका मकसद पुराने और बिखरे हुए सिस्टम को बदलकर एक मजबूत और आसान सिस्टम बनाना है.
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