विज्ञापन

'रामायण' के 'लक्ष्मण' नहीं शत्रुघ्न होते सुनील लहरी, इस एक्टर ने छोड़ा रामानंद सागर का शो, फिर यूं बने 'सुमित्रा नंदन'

रामानंद सागर की 'रामायण' 90 के दशक का वो शो बन गया, जिसे आज भी टीवी पर देखने के लिए दर्शक टेलीविजन के आगे बैठ जाते हैं.

'रामायण' के 'लक्ष्मण' नहीं शत्रुघ्न होते सुनील लहरी, इस एक्टर ने छोड़ा रामानंद सागर का शो, फिर यूं बने 'सुमित्रा नंदन'
रामायण के लक्ष्मण बन मशहूर हुए सुनील लहरी
नई दिल्ली:

रामानंद सागर की 'रामायण' भारतीय टेलीविजन का एक ऐसा क्लासिक धारावाहिक है, जिसने न केवल धार्मिक भावनाओं को छुआ, बल्कि दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई. 1987-88 में दूरदर्शन पर प्रसारित इस शो ने वाल्मीकि रामायण की कहानी को घर-घर पहुंचाया. टीवी शो रामायण के हर एक किरदार को दर्शकों की ओर से खूब प्यार और सम्मान मिला. भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल हों, माता सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया या सुमित्रा नंदन लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील लहरी, जो आज भी दर्शकों के बीच उसी सम्मान के साथ देखे जाते हैं.

'सुमित्रा नंदन' के नाम से मशहूर हुए सुनील लहरी

Latest and Breaking News on NDTV

सुनील लहरी के अभिनय ने लक्ष्मण को इतना लोकप्रिय बनाया कि वे 'सुमित्रा नंदन' के नाम से घर-घर पहचाने जाने लगे. 9 जनवरी को सुनील लहरी का जन्मदिन है. 'रामायण' ने सुनील लहरी को रातोंरात स्टार बना दिया. लक्ष्मण के रूप में उनका समर्पण, भावुकता और भाईचारे का चित्रण दर्शकों को इतना भाया कि आज भी लोग उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं. शो की लोकप्रियता ने न केवल उनके करियर को नई ऊंचाइयां दीं, बल्कि भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक मिसाल कायम की.

रामायण के लक्ष्मण नहीं शत्रुघ्न होते सुनील लहरी

Latest and Breaking News on NDTV

हालांकि, सुनील लहरी को यह आइकॉनिक किरदार मिलना पूरी तरह किस्मत का खेल था. खुद सुनील ने इंटरव्यू में बताया कि उन्हें भगवान लक्ष्मण का किरदार कैसे मिला. गजब की बात है कि जब उन्हें पता चला कि रामानंद सागर रामायण लेकर आ रहे हैं और उसके किरदारों के लिए ऑडिशन चल रहा है, तो वह भी स्टूडियो गए और ऑडिशन दिया. उनका चयन भी हो गया, मगर लक्ष्मण के लिए नहीं बल्कि शत्रुघ्न के रोल के लिए.

शशि पुरी ने छोड़ा रामायण के लक्ष्मण का किरदार

Latest and Breaking News on NDTV

लक्ष्मण का रोल मूल रूप से शशि पुरी को दिया गया था, लेकिन कुछ समस्याओं की वजह से शशि पुरी ने रोल छोड़ दिया. एक दिन रामानंद सागर ने सुनील को देखकर कहा कि वह लक्ष्मण का किरदार निभाएं. शशि पुरी ने भी खुद सुनील को इस रोल को करने की सलाह दी. इस तरह सुनील लहरी 'सुमित्रा नंदन लक्ष्मण' बन गए और उनका करियर हमेशा के लिए बदल गया.

सुनील लहरी के संघर्ष के दिनों का साथी बना टेप रिकॉर्डर

Latest and Breaking News on NDTV

लक्ष्मण की भूमिका को छोटे पर्दे पर शानदार तरीके से निभाकर घर-घर लोकप्रिय हुए सुनील लहरी का शुरुआती करियर आसान नहीं था बल्कि संघर्षों से भरा था. वह दफ्तर-दफ्तर घूमते, ऑडिशन देते, लेकिन रिजेक्शन ही मिलता. थकान और निराशा उनके रोजमर्रा का हिस्सा बन गई थी. ऐसे मुश्किल दिनों में उनका सबसे सच्चा साथी एक पुराना टेप रिकॉर्डर था. सुनील ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रशंसकों को उससे रूबरू कराया था. रिजेक्शन के बाद जब मन उदास हो जाता, तो वह टेप रिकॉर्डर में कैसेट लगाकर गाने सुनते. उनका फेवरिट गाना था 'ओ राही चल'. यह गाना उन्हें कभी न रुकने और आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता था. सुनील ने बताया कि संघर्ष के दिनों में टेप रिकॉर्डर ने उनका बहुत साथ दिया और आज भी दे रहा है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com