- टीवीके प्रमुख विजय ने शपथ ग्रहण से पहले सुरक्षा काफिला हटाने का खुद फैसला लिया है, पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की
- विजय की पार्टी टीवीके को बहुमत के लिए अन्य दलों जैसे वीसीके, सीपीआई और सीपीएम का समर्थन चाहिए
- तमिलनाडु के राज्यपाल ने विजय से 118 समर्थक विधायकों की सूची मांगी है, जिससे सरकार गठन प्रक्रिया तेज हो रही है
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी के बीच, TVK प्रमुख विजय बुधवार शाम बिना सुरक्षा काफिले के नजर आए. यह बदलाव ऐसे समय में देखा गया जब सरकार गठन में देरी जारी है. विजय के बिना काफिले के अपने घर पहुंचने के वीडियो सामने आने के साथ ही अटकलें तेज हो गईं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्हें अब भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है. हालांकि, पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि पूरा प्रोटोकॉल काफिला हटाने का फैसला विजय ने खुद लिया था.
आखिर कहां गायब हुआ विजय का काफिला
इसकी पुष्टि करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “बेसिक पायलट सुरक्षा जारी रहेगी, शपथ ग्रहण में देरी के कारण विजय ने खुद फुल प्रोटोकॉल काफिले से बाहर होने का फैसला किया है.” अधिकारियों ने बताया कि आम तौर पर यह काफिला राज्य के सीएम पद के दावेदार या नए मुख्यमंत्री को सुगम आवागमन और जनता को असुविधा से बचाने के लिए दिया जाता है. यह घटनाक्रम विजय के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच सामने आया है. पहले यह समारोह गुरुवार को होने की उम्मीद थी, लेकिन संख्या पूरी न होने के कारण इसे टाल दिया गया है.
ये भी पढ़ें : बहुमत साबित करके ही विजय CM बन सकते हैं... तमिलनाडु के राज्यपाल ने की 'स्थिर सरकार' के गठन की बात
विजय की पार्टी को दूसरी पार्टियों की जरूरत
TVK ऐतिहासिक जनादेश के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन साधारण बहुमत से अब भी 11 सीटें कम हैं. कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन दिया है, लेकिन विजय को अभी भी कम से कम छह और विधायकों का समर्थन चाहिए. फिलहाल कोई अन्य पार्टी सरकार बनाने का दावा नहीं कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, TVK अब VCK, CPI और CPM जैसी पार्टियों का समर्थन हासिल करने की मशक्कत में लगी है, जिनके पास इतने विधायक हैं कि वे बहुमत का आंकड़ा पार कराने में मदद कर सकें.
कितनी मुश्किल है टीवीके के सरकार बनाने का रास्ता
हालांकि, इन पार्टियों द्वारा अंतिम फैसला 8 मई के दिन किए जाने की उम्मीद की जा रही है. इसी बीच, तमिलनाडु के राज्यपाल, जिनसे विजय ने पहले सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए मुलाकात की थी, उन्होंने उनसे 118 समर्थक विधायकों की सूची सौंपने को कहा है. तेज राजनीतिक बातचीत के बीच शपथ ग्रहण में देरी का असर अब प्रोटोकॉल व्यवस्थाओं पर भी दिखने लगा है, जिससे साफ है कि सत्ता तक पहुंच का रास्ता अब भी संख्या के समीकरणों पर टिका हुआ है.
ये भी पढ़ें : हम राज्यपाल पर दबाव नहीं बना रहे... तमिलनाडु में नई सरकार के गठन पर BJP का पहला रिएक्शन














