कन्नूर के दलित छात्र की मौत मामले में सामने आया CCTV फुटेज, संदिग्ध मौत से पहले प्रिंसिपल के कमरे में था नितिन राज

Kannur Student Death: कन्नूर के दलित छात्र नितिन राज की मौत से 25 मिनट पहले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो प्रिंसिपल के कमरे का है. इस कमरे में नितिन राज भी मौजूद था.

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Kannur Dental Student Death: कर्नाटक के कन्नूर जिले में डेंटल कॉलेज के दलित छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में एनडीटीवी को प्रिंसिपल के कमरे के अंदर का CCTV फुटेज मिला है. यह फुटेज छात्र नितिन राज की मौत से लगभग 25 मिनट पहले का है. उसकी मौत को लेकर यह सामने आ रहा है कि लोन ऐप से मिली प्रताड़ना और कॉलेज के अंदर हुई घटनाओं के चलते उसने आत्महत्या की है. हालांकि, पुलिस अभी जांच कर रही है, जिसमें पता किया जा रहा कि क्या उसकी मौत को लेकर इनमें किसी की कोई भूमिका है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में शिक्षक एक 'इंस्टेंट लोन ऐप' के प्रतिनिधियों से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. आरोप है कि यह ऐप नितिन राज के नाम पर लिए गए एक लोन की वसूली के लिए बार-बार कॉल कर रहा था. कॉल पर मौजूद एजेंट को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जब तक लोन का पूरा भुगतान नहीं हो जाता, तब तक वह छात्र से जुड़े लोगों के संपर्क नंबरों को (जिनमें एक प्रोफेसर का नंबर भी शामिल है) 'रेफरेंस लिस्ट' से नहीं हटाएगा.

नितिन प्रिंसिपल रूम में क्या कर रहा

सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि प्रिंसिपल के कमरे में अन्य शिक्षक भी हैं, जहां नितिन अपनी परिस्थिति को समझाता दिख रहा है. एक अन्य क्लिप में नितिन रोते हुए जाते दिख रहा है. यह वीडियो प्रिंसिपल के कमरे से बाहर निकलने के बाद का है. पुलिस इस घटना को उसकी मौत से पहले की घटनाओं के क्रम को समझने (रिकंस्ट्रक्ट करने) में एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है.

शिक्षकों को भी आए एजेंट के कॉल

शिक्षकों ने बताया कि जब उन्हें लोन वसूली करने वाले एजेंट की ओर से बार-बार कॉल आने लगे थे तो नितिन को प्रिंसिपल के ऑफिस में बुलाया गया था. शिक्षकों ने इन कॉल्स को लगातार होने वाली प्रताड़ना बताया था. इन कॉल्स के संबंध में एक शिक्षक ने शिकायत भी दर्ज कराई थी.

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वहीं, इस मामले में दो शिक्षकों डॉ. राम और डॉ. संगीता नांबियार को आरोपी बनाया गया है. दोनों ने थलस्सेरी सेशंस कोर्ट' में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है. उन्होंने दलील दी है कि छात्र की आत्महत्या में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, और यह संभव है कि लोन ऐप से मिली धमकियों के कारण ही छात्र की मौत हुई हो.

(कन्नूर से अश्विन नंदकुमार की रिपोर्ट)

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