राजस्थान के बूंदी जिले के दबलाना थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 11 वर्षीय बालक के अंतिम संस्कार के महज दो दिन बाद जब परिजन धार्मिक परंपरा के अनुसार 'तीय' की रस्म निभाने और अस्थियां एकत्र करने श्मशान घाट पहुंचे तो वहां चिता की राख और अस्थियां तक गायब मिलीं. बेटे की अंतिम निशानी नहीं मिलने से परिवार का दुख कई गुना बढ़ गया. घटना के बाद पीड़ित परिवार ने कुछ लोगों पर जानबूझकर अस्थियां हटाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और धमकाने का आरोप लगाते हुए दबलाना थाने में मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
तीय के लिए श्मशान पहुंच परिजन हुए हैरान
जानकारी के अनुसार दबलाना थाना क्षेत्र के बड़गांव स्थित आमाहाला के बंजारों का झोपड़ा निवासी किशन बंजारा के 11 वर्षीय पुत्र अमलेश बंजारा की हाल ही में मृत्यु हो गई थी. परिवार ने पूरे रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार किया. हिंदू परंपरा के अनुसार दो दिन बाद 'तीय' की रस्म के लिए परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए. जिस स्थान पर बालक की चिता जलाई गई थी, वहां न तो राख बची थी और न ही अस्थियां.
ग्रामीणों ने आरोुप लगाया कि श्मशान भूमि पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा है
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श्मशान भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप
पीड़ित पिता किशन बंजारा का आरोप है कि सरकारी श्मशान भूमि पर लंबे समय से कुछ लोगों का अवैध कब्जा है. उन्हीं लोगों ने जानबूझकर चिता की राख और अस्थियां साफ कर दीं, ताकि परिवार अंतिम संस्कार की परंपराएं पूरी नहीं कर सके. परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकियां भी दीं. बेटे की अंतिम निशानी तक नहीं मिलने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है. ग्रामीणों में भी घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है.
पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद जांच शुरू कर दी है
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पुलिस ने दर्ज किया केस
किशन बंजारा ने दबलाना थाने में लिखित रिपोर्ट देकर आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल अस्थियां और राख हटाई, बल्कि विरोध करने पर झगड़ा करने और जान से मारने की धमकियां भी दीं. दबलाना थाना प्रभारी प्रिया व्यास ने बताया कि पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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