SDM Kajal Meena Bribery Case: राजस्थान के करौली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नादौती एसडीएम काजल मीणा और उनके रीडर और एक लिपिक (UDC) को 60000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से नादौती एसडीएम को लेकर पूरे प्रदेश में फजीहत हो रही है. इस कार्रवाई में उनके पास से टीम ने 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की थी.
60 हजार रुपये की मांगी थी रिश्वत
भ्रष्टाचार का यह मामला जमीन के बंटवारे से जुड़ी फाइनल डिक्री जारी करने से संबंधित था. जिसमें परिवादी चरतलाल ने SDM से परेशान होकर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी. परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि एसडीएम के रीडर दिनेश सैनी ने इसके लिए कुल 60 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये खुद के कमीशन के तौर पर तय किए गए थे.
रीडर के व्हाट्सएप कॉल से फंसी एसडीएम
पहली पोस्टिंग में बड़ा दाग
जानकारी के अनुसार काजल मीणा की यह पहली पोस्टिंग थी और महज 7-8 महीने में ही एसीबी की कार्रवाई ने दाग लगा दिया, इस कार्रवाई से पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है.
बैग से मिले 4 लाख संदिग्ध से मामला और गर्माया
एसीबी ने कार्रवाई के दौरान यूडीसी प्रवीण के बैग से रिश्वत के 60 हजार के अलावा 4 लाख रुपये भी बरामद हुए.आरोपी पक्ष ने इसे फसल की आय बताया, लेकिन कोई संतोषजनक प्रमाण न मिलने पर एसीबी ने इसे जब्त कर लिया है. इसके अलावा, स्थानीय सूत्रों के अनुसार एसडीएम कार्यालय पर क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं.
कोर्ट में पेश, भेजा गया जेल
तीनों आरोपियों को एसीबी कोर्ट भरतपुर में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वही दूसरी तरफ SDM काजल मीणा को राजस्थान सरकार के जरिए निलंबित भी कर दिया गया है. फिलहाल एसीबी सवाई माधोपुर की टीम मामले की गहन जांच में जुटी है.
कार्रवाई में रहे शामिल
एसडीएम काजल मीणा की ट्रैपिंग में ज्ञान सिंह चौधरी, ASP, एसीबी सवाई माधोपुर, मनोज कुमार, हैड कांस्टेबल कार्यवाहक, हमीर सिंह, भोलाराम, राजवीर, मनोज कुमार चालक, 2 स्वतंत्र गवाह अलग अलग विभाग के शामिल रहे.
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