पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के हिस्से को लेकर बड़ी बैठक, फिर अड़े रहे CM भगवंत मान

यूनिवर्सिटी का कहना है कि पंजाब, विश्वविद्यालय में अपना वित्तीय शेयर नहीं दे रहा है. केंद्र की तरफ से पिछले 10 सालों में 200-300 करोड़ रुपये औसत प्रति वर्ष मिले.

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पंजाब की तरफ से पिछले 10 सालों केवल 20-21 करोड़ औसत प्रति वर्ष मिले
चंडीगढ़:

पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के हिस्से को लेकर बड़ी बैठक हुई, जिसकी अध्‍यक्षता चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने की. इस बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब सीएम भगवंत मान भी मौजूद रहे. बैठक में भगवंत मान, हरियाणा के युवाओं और शिक्षा का साझा करने के खिलाफ फिर अड़े रहे. हालांकि, बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि ज्ञान की गंगा हमेशा बहती रहनी चाहिए. तक्षशिला, नालंदा के वक्त से हमारी संस्कृति ने ज्ञान दिया है. 

यूनिवर्सिटी का कहना है कि पंजाब, विश्वविद्यालय में अपना वित्तीय शेयर नहीं दे रहा है. केंद्र की तरफ से पिछले 10 सालों में 200-300 करोड़ रुपये औसत प्रति वर्ष मिले. पंजाब की तरफ से पिछले 10 सालों केवल 20-21 करोड़ औसत प्रति वर्ष मिले. 40 फीसदी हिस्से के मुकाबले में 7-14 फीसदी ही बजट मिल पाता है.  

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि हरियाणा के युवाओं और कॉलेज को पंजाब विश्वविद्यालय का विकल्प मिले. कॉलेज के एफिलिएशन से विश्वविद्यालय में हरियाणा के छात्र भी ले पाएंगे शिक्षा. 

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इस मुद्दे पर अगली बैठक 3 जुलाई सुबह 11 बजे होगी. 

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