- भाजपा की मंजुषा नागपुरे को पुणे महानगरपालिका का नया मेयर चुना गया है, जहां पार्टी का स्पष्ट बहुमत है.
- भाजपा के सहयोगी दल RPI के परशुराम वाडेकर को पुणे महानगरपालिका का उप-महापौर बनाया गया है.
- एनसीपी और कांग्रेस ने भी उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन भाजपा के बहुमत के कारण उनकी जीत संभव नहीं हो सकी.
भाजपा की वरिष्ठ पार्षद मंजुषा नागपुरे पुणे महानगरपालिका की नई मेयर चुनी गई हैं. आज औपचारिक चुनाव प्रक्रिया में उनकी जीत पर मुहर लग गई. पुणे नगर निगम की 165 सीटों में से भाजपा के पास 119 सीटों का स्पष्ट बहुमत है, जिससे मंजुषा नागपुरे की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी. इसके साथ ही भाजपा के सहयोगी दल आरपीआई के परशुराम वाडेकर को उप-महापौर चुना गया है.
पिछले चार सालों से पुणे महानगरपालिका प्रशासनिक शासन के अधीन थी. नए महापौर के चयन के साथ ही अब शहर में फिर से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शासन शुरू हो गया है.
एनसीपी और कांग्रेस ने भी उतारे अपने उम्मीदवार
एनसीपी और कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन आंकड़ों के अभाव में वे केवल एक औपचारिकता बनकर रह गए.
अजित पवार के हालिया निधन के कारण भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार का बड़ा विजय उत्सव न मनाने का निर्देश दिया है.
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लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं मंजुषा नागपुरे
मंजुषा नागपुरे सिंहगढ़ रोड इलाके के वार्ड नंबर 33 से लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं. उच्च शिक्षित नागपुरे के पास एम कॉम और एमबीए की डिग्रियां हैं और राजनीति में आने से पहले वे आईटी सेक्टर में एक पेशेवर के रूप में कार्यरत थीं.
वे भाजपा की एक निष्ठावान कार्यकर्ता मानी जाती हैं और उनका परिवार लंबे समय से आरएसएस से जुड़ा रहा है.
नगर निगम में उनके पिछले अनुभव और प्रशासनिक सूझबूझ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें पुणे जैसे महत्वपूर्ण शहर की जिम्मेदारी सौंपी है.














