बी-2 बॉम्बर ने 1999 में कोसोवा युद्ध में नाटो के ऑपरेशन एलाइड फोर्स के दौरान पहली बार युद्ध में हिस्सा लिया था 2001-2002 में तालिबान के गुप्त ठिकानों को नष्ट करने के लिए अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर का उपयोग किया था मार्च 2003 में इराक युद्ध में बी-2 ने सद्दाम के कमांड सेंटरों और मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया था