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This Article is From Aug 23, 2018

Exclusive: 'छोटे' शार्दुल विहान का 'बड़ा' काम, क्रिकेट खेलते-खेलते बने शूटर और जीत लिया रजत पदक

Exclusive: 'छोटे' शार्दुल विहान का 'बड़ा' काम, क्रिकेट खेलते-खेलते बने शूटर और जीत लिया रजत पदक
मेरठ के शार्दुल विहान ने शूटिंग में सिल्‍वर मेडल जीतकर हर किसी को चौंका दिया
नई दिल्‍ली:

जब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पहली बार एथेंस ओलिंपिक में रजत पदक जीता था तब मेरठ के शार्दुल विहान महज 1 साल के थे. तब भारत में कई खेलप्रेमियों ने शायद पहली बार डबल ट्रैप शूटिंग का नाम ही सुना था. लेकिन राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और रोंजन सिंह सोढ़ी जैसे खिलाड़ियों के बाद अब शार्दुल विहान के ज़रिये डबल ट्रैप में भारत ने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. इंडोनेशिया के पालेमबांग में डबल ट्रैप के फ़ाइनल में सबकी नज़रें भारत के नंबर 1 शूटर अंकुर मित्तल पर टिकी थीं, लेकिन वे फ़ाइनल में भी नहीं पहुंच सके और मेरठ के 15 साल के शार्दुल विहान (जन्म: 1 नवंबर, 2003) ने बाज़ी मारते हुए पहले नंबर (141 अंक के साथ) पर जगह बना ली. फ़ाइनल में उन्होंने कोरियाई खिलाड़ी 34 साल के ह्यून वू शिन को कड़ी टक्कर दी और सिल्वर मेडल जीत गए. जीत के बाद  कोच अनवर सुल्तान ने उन्हें गले लगा लिया. लेकिन उन्हें कसक भी रह गई कि उनका खिलाड़ी गोल्ड मेडल पाने से रह गया. इस शानदार जीत के बाद कोच अनवर सुल्तान और शूटर शार्दुल ने NDTV संवाददाता विमल मोहन से ख़ास बात की.

सवाल: सबसे पहले तो बहुत बधाई. आपने सबको हैरान कर दिया. क्या आपको उम्मीद थी कि इस छोटी उम्र में इतनी जल्दी आप यहां तक पहुंच जाएंगे?
शार्दुल विहान: बिलकुल, मुझे पूरी उम्मीद थी. पहली बार एशियन गेम्स खेल रहा था, इसलिए ज़रा भी टेंशन नहीं में नहीं था, लेकिन सिल्वर जीतकर बहुत खुश हूं. गोल्ड भी जीत सकता था.
अनवर सुल्तान: मैं भी बेहद खुश हूं. लेकिन थोड़ी चूक हो गई ..नहीं तो ये गोल्ड जीत जाता. ये पूर्व ओलिंपियन ट्रैप शूटर अनवर सुल्तान का शागिर्द है, इसलिए मुझे पूरा भरोसा था.

सवाल: क्या वजह लगती है कि इतने युवा शूटर्स जीत रहे हैं...आप हैं, अनीश भानवाला हैं, मनु भाकर हैं...
अनवर सुल्तान: मैं एक ओलिंपियन हूं. मैंने अपने यहां श्यामली में (उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास) एक शूटिंग रेंज बनाई है जहां इन बच्चों को तैयार करता हूं. इसी तरह कई शूटिंग रेंज तैयार हुए हैं जहां मेरे जैसे खिलाड़ी युवा शूटर्स को सिखाते हैं. ये उसी का नतीजा है.
शार्दुल विहान: बिल्कुल, मैंने यहां शूटिंग रेंज में कड़ी मेहनत की. मेरे कोच ने पिछले ढाई-तीन साल में एक अच्छे शूटर की तरह तैयार किया है. मैं पहले क्रिकेट और बैडमिंटन भी खेलता था. फिर पिताजी से पूछकर शूटिंग में आया और अच्छा करने लगा तो दिलचस्पी भी बढ़ गई.

सवाल: डबल ट्रैप ओलिंपिक्स में नहीं है...तो क्या आप ओलिंपिक्स के लिए अपना गेम बदलेंगे?
शार्दुल विहान: ओलिंपिक्स..कौन नहीं खेलना चाहता है. मैं अगले वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद ट्रैप में हाथ आज़माऊंगा और टोक्यो ओलिंपिक्स की तैयारी करूंगा.
अनवर सुल्तान: वर्ल्ड चैंपियनशिप के फ़ौरन बाद शार्दूल ट्रैप के लिए तैयारी शुरू करेंगे. मुझे पूरा भरोसा है कि वहां ये मेहनत कर एक अच्छे ट्रैप शूटर भी बन सकेंगे.

सवाल: जश्न के बारे में सोचा है...
अनवर सुल्तान: बिल्कुल जश्न मनाने का मौक़ा है. मुझे फ़ौरन दिल्ली लौटना है. वहां लौटकर एक साथ जश्न मनाएंगे..
शार्दुल विहान: सेलेब्रेट ज़रूर करूंगा...अभी तो बस थोड़ी ही देर हुई है...

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