गुनहगारों पर कोई एक्शन नहीं, पिता भी लंदन गए... युवराज की मौत के 1 महीने में क्या-कुछ बदला?

ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे बेसमेंट में गिरने से हुई युवराज मेहता की मौत को एक महीना हो चुका है. एक महीने में अब तक किसी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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  • ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की पानी से भरे बेसमेंट में मौत को एक महीना हो गया है
  • युवराज की मौत के बाद भी गुनहगारों के खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है
  • हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड, क्रैश बीम बैरियर, लेन मार्किंग और रिफ्लेक्टर लगाए हैं
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नोएडा:

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में पानी से भरे बेसमेंट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत को एक महीना हो गया है. युवराज मेहता बेसमेंट में कार सहित डूब गए थे. उनकी मौत के एक महीने बाद भी अब तक गुनहगारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. युवराज के घर के बाहर ताला लगा हुआ है. बताया जा रहा है कि इंसाफ के इंतजार में आस लगाए बैठे युवराज के पिता राजकुमार मेहता अपनी बेटी के साथ लंदन चले गए हैं. पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने जल्द वापस आने की बात कही है.

एटीएस ले ग्रैंडियोस सोसाइटी के पास टी प्वाइंट के पास 16 जनवरी की रात युवराज की कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी थी. नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू कर युवराज को बेसमेंट से निकालकर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. 

एक महीने में नहीं आई जांच रिपोर्ट

इस घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कई सवाल उठे थे. इसके लिए जांच समिति बनाई गई थी, जिसे 5 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी.

घटना के एक महीने और एसआइटी जांच पूरी होने 20 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने के साथ गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परिजन, पड़ोसी संशय में है. वहीं शोक सभा के बाद से युवराज के पिता, परिजन और दोस्तों ने मीडिया से दूरी बना रखी है.

हादसे के बाद भी हालात जस के तस

नोएडा प्राधिकरण की ओर से हादसे के बाद घटना स्थल पर बैरिकेड, क्रैश बीम बैरियर, लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर आदि लगाकर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. साथ ही प्लॉट के पास मुख्य सड़क के किनारे पौधे भी लगाए गए हैं. मगर टूटे हुए नाले की दीवार को अब तक नहीं बनवाई गई है. इस कारण नाले का पानी खाली प्लॉट में भर रहा है. पानी भरने से यहां जलस्तर घटने के बजाए बढ़ रहा है. 

प्राधिकरण की ओर से घटना के बाद नाले से सटी दीवार के पास मिट्टी डलवाई गई है. यहां मिट्टी की सही ढंग से भराई नहीं होने के कारण धस रही है. इससे यहां नाले से सटे दीवार के पास गड्ढा हो गया है. यहां बेसहारा पशु पूरे दिन घूमते रहते हैं. इस कारण इनके खाली प्लॉट और नाले में गिरने की आशंका बनी रहती है.

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